मध्यप्रदेश में राजाराम मौर्य को पहला टंट्या भील सम्मान
प्रथम टंट्या भील सम्मान से पुरस्कृत होने जा रहे मौर्य को एक लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव ओ़ पी़ रावत ने बताया कि टंट्या भील सम्मान के लिए मौर्य का चयन उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल ने किया है। यह सम्मान शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले जनजाति वर्ग के युवाओं को दिया जाएगा।
देवास जिले के मौर्य ने कृषि, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में क्रान्तिकारी कोशिशें की हैं। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से गरीब जनजाति बच्चों को शिक्षा देने के मकसद से एक पब्लिक स्कूल शुरू किया, जहां 127 बच्चे पढ़ रहे हैं।
मौर्य ने बागली तहसील में जल संग्रहण क्षेत्र विकास योजना व सूखा मुक्ति कार्यक्रम भी चलाए हैं। इसके जरिए कृषि पैदावार में 80 से 160 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। उन्होंने महिला बचत समूह के माध्यम से देवास और खरगोन जिले में लगभग 13 हजार महिलाओं को जोड़ा है। इन महिलाओं ने इस कोशिश से दो करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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