मुंबई हमलों ने आतंकवाद के खिलाफ रणनीति बदलने को बाध्य किया: ओबामा
वाशिंगटन,12 जनवरी(आईएएनएस)। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि 26 नवंबर को मुंबई पर हुए हमलों ने यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद से निपटने की मौजूदा रणनीति पूरी तरह कारगर नहीं है। ऐसे में नई रणनीति अपनाए जाने की जरूरत है।
ओबामा ने रविवार को एबीसी के 'दिस वीक' कार्यक्रम के लिए दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मुंबई पर हुए हमलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हमें नई रणनीति अपनानी होगी। जिन तत्वों ने इस हमले को अंजाम दिया है वे फिर ऐसी करतूत कर सकते हैं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या मुंबई जैसे हमले को अमेरिका में अंजाम दिए जाने का खतरा है तो उन्होंने कहा, "अमेरिका भी ऐसे खतरे की जद में आ सकता है। आतंकवादियों की रणनीति आत्मघाती हमलों या बम धमाकों तक सीमित नहीं है। उनकी नापाक सोच का दायरा बढ़ता जा रहा है।"
राष्ट्रपति जार्ज बुश के होमलैंड सिक्योरिटी सलाहकार केन वेनस्टिन ने आशंका जताई है कि आतंकवादी मुंबई जैसी वारदात को अमेरिका में भी अंजाम दे सकते हैं।
ओबामा ने कहा, "हमने आतंकवादियों को मुंबई में जिस दुस्साहसिक तरीके से नरसंहार को अंजाम देते देखा, उससे यह आशंका हमेशा बनी रहेगी कि आतंकवादी ऐसी घटना को कहीं और भी अंजाम दे सकते हैं। हमें ऐसी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह चौकस रहना पड़ेगा। खुफिया तैयारी इस कदर होनी चाहिए कि हमें संभावित खतरे की सटीक जानकारी मिले।"
उन्होंने कुख्यात आतंकवादी संगठन अल कायदा पर दबाव बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने इस संगठन को अपने भावी प्रशासन का मुख्य निशाना करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications