ब्रिटेन में अल्पसंख्यक पुलिस अधिकारियों के साथ भेदभाव बरकरार: रिपोर्ट
इस ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि एशियाई एवं अश्वेत पुलिस अधिकारियों को अहम प्रशासनिक इकाइयों से दूर रखा जाता है। अल्पसंख्यक पुलिस अधिकारी कुंठा के शिकार होते जा रहे हैं। इसमें कहा गया है, "इन अधिकारियों को डकैती, आतंकवाद जैसे संगीन अपराधों से निपटने वाली पुलिस इकाइयों में बहाल करने से परहेज किया जाता है। उन्हें कम महत्वपूर्ण विभागों में तैनात किया जाता है।"
रिपोर्ट के मुताबिक श्वेत पुलिस अधिकारियों की तुलना में इन पुलिस अधिकारियों पर निलंबन और बर्खास्तगी की तलवार ज्यादा लटकती है। 'पुलिस और नस्लवाद: स्टीफन लारेंस हत्याकांड जांच के 10 वर्षो बाद हमें क्या हासिल हुआ' नामक इस रिपोर्ट में पुलिस प्रशासन की भेदभावपूर्ण नीति का खुलासा किया गया है। एक दशक पहले आई लारेंस हत्याकांड जांच रिपोर्ट में पुलिस बल पर नस्लीय भेदभाव बरतने का आरोप लगा था।
आयोग के एक अधिकारी जॉन वाधम ने 'गार्जियन' अखबार से बातचीत में कहा, "जब एक नस्लवादी गिरोह ने लारेंस की हत्या कर दी थी तो पुलिस के नस्लीय व्यवहार का भी खुलासा हो गया था। पुलिस ऐसे पेश आई जैसे लारेंस भुक्तभोगी नहीं, अपराधी हो। तब से लेकर अब तक पुलिस की सोच में काफी बदलाव आया है, पर इस महकमे में नस्लवाद का पूरी तरह से खात्मा होना अभी भी बाकी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications