ग्रामीणों में छिपी प्रतिभा को उभार रही है सामुदायिक रेडियो सेवा
लखनऊ, 12 जनवरी(आईएएनएस)। हाल तक सुनीता चंदेल दिन-रात घरेलू जिम्मेवारियों में उलझी रहती थीं, पर अब वह नई भूमिका में हैं। रेडियो रिपोर्टर की अपनी नई जिम्मेवारी को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। सुनीता के अंदर छिपी इस प्रतिभा को उभारने का श्रेय कम्युनिटी रेडियो को जाता है।
सुनीता अब कम्युनिटी रेडियो के लिए कार्यक्रम तैयार करती हैं। उन्हें कार्यक्रमों के संपादन की कला भी मालूम है। सुनीता उन ग्रामीणों में शुमार हैं जिनकी प्रतिभा को सामुदायिक रेडियो सेवा द्वारा तराशा जा रहा है। ललितपुर जिले के आलापुर गांव की रेडियो रिपोर्टर सुनीता कहती हैं, "मैं सोच भी नहीं सकती थी कि इस गांव की कोई बहू ऐसी भूमिका में होगी। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे महिला समस्याओं के समाधान प्रयास से जोड़ा गया है।"
सामुदायिक रेडियो सेवा 'ललित लोकवाणी' इलाके के ग्रामीणों की मेधा को तराशने में लगी है। यह एक एनजीओ साई ज्योति ग्रामोद्योग सेवा संस्थान और यूनिसेफ की संयुक्त पहल है। इस सेवा से जुड़ी युवा रिपोर्टर वर्षा कहती है, " मैं तो घर से बाहर कदम रखने से भी घबराती थी, पर आज मुझे समाज की सेवा करने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है।"
एक और रिपोर्टर भगवान दास कहते हैं, "यह सेवा हमें मूल समस्याओं से अवगत कराती है। लोगों में इससे जागरूकता फैल रही है।" ललित लोकवाणी के स्टेशन निदेशक मृदुल श्रीवास्तव कहते हैं कि यह कम्युनिटी रेडियो लोगों की आवाज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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