उमर अब्दुल्ला कश्मीर के आठवें मुख्यमंत्री
इसके पहले तक संविधान में जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे के कारण यहां राज्य का अपना प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति होता था। प्रधानमंत्री को वजीर-ए-आजम व राष्ट्रपति को सद्र-ए-रियासत कहा जाता था।
वर्ष 1965 के मई में जम्मू-कश्मीर के संविधान में संशोधन किया गया। इसके तहत प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति का पद मुख्यमंत्री व राज्यपाल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया।
उसके बाद से राज्य में बने मुख्यमंत्रियों की सूची इस प्रकार है :
- वर्ष 1965 में गुलाम मोहम्मद सादिक ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उसके बाद वर्ष 1967 में राज्य में कांग्रेस की जीत के बाद वे दोबारा सत्ता में लौटे।
- वर्ष 1972 में हुए चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सईद मीर कासिम राज्य के मुख्यमंत्री बने।
- वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ हुए एक समझौते के तहत नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष शेख अब्दुल्ला कांग्रेस के समर्थन से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वर्ष 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की जीत के बाद वह दोबारा सत्ता में लौटे।
- वर्ष 1982 में शेख अब्दुल्ला की मौत के बाद उनके बेटे फारुक को मुख्यमंत्री बनाया गया। वर्ष 1983 में हुए चुनाव में फारुक मुख्यमंत्री की अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।
- वर्ष 1984 में नेशनल कांफ्रेंस में विभाजन हो गया और फारुक के बहनोई गुलाम मोहम्मद शाह ने कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई। वर्ष 1986 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने तक वह सत्ता में बने रहे।
- वर्ष 1987 में नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार में फारुक अब्दुला फिर मुख्यमंत्री बने। उसके बाद घाटी में अलगाववाद की आग भड़कने के बाद वर्ष 1990 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
- वर्ष 1996 में फारुक अब्दुल्ला विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद फिर सत्ता में आए।
- वर्ष 2002 में कांग्रेस-पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) गठबंधन की राज्य में सरकार बनी।
- गठबंधन के समझौते के तहत वर्ष 2002 से 2005 तक पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने सरकार का नेतृत्व किया।
- वर्ष 2005 से 2008 तक कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने सत्ता की बागडोर संभाली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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