संसद में पेश किया जाएगा नया कंपनी विधेयक
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नया कंपनी विधेयक, 2008 संसद के अगले सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दे दी है। पारित हो जाने के बाद यह विधेयक मौजूदा कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नया कंपनी विधेयक, 2008 संसद के अगले सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दे दी है। पारित हो जाने के बाद यह विधेयक मौजूदा कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, "नया विधेयक कंपनी के भागीदारी ढांचे में परिवर्तन लाएगा। यह कंपनी प्रशासन की प्रकृति को बदल देगा और उन्हें विश्व स्तर पर ज्यादा प्रतिस्पद्र्धी बनाएगा।"
नया विधेयक देश में किसी नए कंपनी की स्थापना के लिए निम्नतम चुकता पूंजी की जरूरत को हटाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मौजूदा कंपनी अधिनियम में इसका प्रावधान है।
सिब्बल ने कहा कि नया विधेयक व्यक्तिगत रूप से कंपनी स्थापित करने की अनुमति देने की हिमायती है। इसके तहत वकील और चार्टर्ड एकाउंटेड अपनी कंपनियों में असीमित हिस्सेदारी रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 17 अक्टूबर से शुरू होने वाली संसद के आगामी सत्र में यह विधेयक पेश किया जाएगा। इस पर चर्चा होगी और इसे पारित किया जाएगा।
सिब्बल ने कहा, "नए कंपनी विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक स्थापित किसी भी नई कंपनी की अनुषंगी कंपनियों पर प्रतिबंध नहीं होगा।" उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में 'ई-गवर्नेस' ओर शेयरधारकों द्वारा 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग' को प्रोत्साहित किया गया है।
सिब्बल के मुताबिक नए विधेयक में कंपनी के मालिकों को शेयरों की बिक्री के नियम और कड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कंपनियों के आपसी विवाद को सुलझाने के लिए विशेष अदालत की व्यवस्था की गई है।
नए विधेयक के मुताबिक कंपनी के संचालक मंडल में 33 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशक होने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications