वायु प्रदूषण और दमे के संबंधों का भेद खुला
सिडनी, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। वायु प्रदूषण भी दमा का कारण हो सकता है। यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है।
मेलबर्न विश्वविद्यालय की शोधकर्ताओं डुआने सिगमंड और डा.उटाविले ने एक नए शोध से साबित किया है कि वातावरण में मौजूद नाइट्रेट, अमीनो अम्ल को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कि सांस की बीमारियां हो सकती है।
गौरतलब है कि अमीनो अम्ल हमारे शरीर में प्रोटीन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपरोक्त नाइट्रेट का निर्माण वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन डाइआक्साइड और ओजोन जैसी प्रदूषित गैसों से होता है। ये नाइट्रेट सूर्यास्त के समय सक्रिय हो जाते हैं।
सिगमंड ने कहा, "हम यह जानने के लिए उत्सुक थे कि श्वसन के बाद इन नाइट्रेट का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? हमने पाया कि यह शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है।"
अध्ययन में पाया गया है कि ये नाइट्रेट अमीनो अम्ल से क्रिया करके बेटा- नाइट्रेट इस्टर, बेटा-काबरेनिल आदि पदार्थ बनाते हैं जो हमारे श्वासनतंत्र के लिए नुकसानदेह हैं।
शोध के निष्क र्ष 'यूके रायल सोसायटी आफ केमेस्ट्री केमिकल कम्यूनिकेशन' में प्रकाशित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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