मुलायम, मायावती के बीच जंग शुरु


mulayam singhलखनऊ, 10 जनवरीः एक स्थानीय कॉलेज से शुरु हुए विवाद ने उत्तर प्रदेश में हिंसा की आग भड़का दी है. इससे बीएसपी नेता, मुख्यमंत्री मायावती और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव के बीच जंग शुरु हो गई है.

इसे पूरे घटनाक्रम का आरोप मायावती पर लगाते हुए मुलायम सिंह ने कहा है कि माया सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है. एसपी कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने सरकार के बर्ताव के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन करने की बात कही. मुलायम ने आरोप लगाया कि मायावती के इशारे पर पुलिस समाजवादी पार्टी को निशाना बना रही है.

वहीं मायावती ने हिंसा करने वालों को अपराधी बताते हुए कहा कि अगर मुलायम ने ऐसे अपराधियों को संरक्षण दिया तो उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने कहा कि एसपी अपराधियों की मदद से राज्य में हिंसा भड़काना चाहती है और कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. मायावती ने इस घटना में एसपी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस के साथ खराब व्यवहार करने और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी कही.

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

दिनभर की हिंसा के बाद सपा के एक प्रतिनिधि मंडल ने कल शाम उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टी.वी.राजेस्वर से भेंट कर राज्य की बहुजन समाज पार्टी सरकार की निरंकुश कार्रवाइयों में हस्तक्षेप करने और प्रदेश में छात्रसंघों की बहाली करके पुलिस महानिदेशक समेत अनेक अन्य अधिकारियों को हटाने की मांग की.

सपा की उत्तर प्रदेश इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, सांसद अखिलेश सिंह यादव, महासचिव कुंवर रेवती रमण सिंह, नरेश अग्रवाल तथा प्रादेशिक इकाई के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने राज्यपाल से भेंट कर उनसे प्रदेश की निरंकुश सरकार पर लगाम लगाने की मांग की.

उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह तथा अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल का तबादला करने, लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने तथा इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को छात्रों पर गोली चलाने के मामले में मुअत्तल करके उनके खिलाफ् मुकदमा दर्ज करने की मांग की.

ज्ञापन में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा कल लखनऊ के जयनारायण महाविद्यालय में पुलिस लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किए गये 23 छात्रों के विरुद्ध दर्ज किए गये मुकदमे वापस लेने की भी मांग की.उन्होंने इटावा में हुई गोलीबारी में मारे गये छात्र के परिजनों को 25 लाख और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.

सपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव पर पाबंदी लगाने के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने छात्र आन्दोलन को कुचलने और सपा नेताओं को जेल में डालने का ऐलान किया था.

उन्होंने कहा कि कल सपा नेताओं के साथ बदसलूकी और आज इटावा में पार्टी कार्यकर्ताओं पर ज्यादती मायावती के इशारे पर की गई है.उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिवपाल सिंह यादव तथा अखिलेश यादव की हत्या की साजिश कर रही है.


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