सभी उपभोक्ताओं को समान बिजली आपूर्ति देनी होगी..न्यायालय
नयी दिल्ली 31 दिसंबर.वार्ता. उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि बिजली आपूर्तिकर्ता उपभोक्ताओं से किए गए वायदे से इतर अतिरिक्त बिजली अधिभार नहीं लगा सकता
न्यायाधीश एस बी सिन्हा और न्यायमूर्ति हरजीत सिंघ बेदी की पीठ ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं. पर जो शाम छह बजे से ग्यारह बजे के बीच अबाध बिजली आपूर्ति के इच्छुक थे 15 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली अधिभार लगाने से संबधित 7 अगस्त 2000 को जारी अधिसूचनाओं की वैधता पर सुनवायी करते हुए आज कहा कि बिजली के लिए शुरू में तय किए गए शुल्क के अनुसार ही आपूर्तिकर्ता को सभी उपभोक्ताओं को एक समान बिजली आपूर्ति करनी होगी. क्योंकि यह एक जन सुविधा है1 बीच में इसमें किसी तरह का फ्ेरबदल नहीं किया जाएगा
पीठ ने कहा कि जन सुविधा होने के कारण बिजली आपूर्ति में उपभोक्ताओं के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता1 किसी एक वर्ग के उपभोक्ताओं को उनकी इच्छानुसार अतिरिक्त अधिभार अदा करने पर अधिक बिजली की आपूर्ति नहीं की जा सकती यह सभी के लिए समान होगी
एलएमएल लिमिटेड. डायमंड सिमेंट और मेडिकोन फ्ाइबर कंपनी ने उत्तर प्रदेश विद्युत आयोग की अधिसूचना को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी
मधूलिका रीता मनोरंजन 181
वार्ता.












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