गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर
नयी दिल्ली 14 अक्टूबर.वार्ता. कर्नाटक के गन्ना उत्पादक किसानों ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि चीनी मिलों के लिए यह अनिवार्य किया जाए कि गन्ने का इस्तेमाल चीनी उत्पादन के अलावा अन्य उत्पादों के लिए भी किया जाए ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल सके और उनहें आत्महत्या करने को मजबूर न.न होना पडे
इन किसानों का यह भी कहना है कि केन्द्र और राज्य सरकारों की गलत नीतियों के कारण ही गन्ना उत्पादक किसानों को आत्महत्या करनी पड रही है1प्रख्यात पर्यावरणविद् वन्दना शिवा द्वारा स्थापित की गई संस्था.नवधन्य. की आेर से देहरादून में आयोजित की गई एक राष्ट्रीय कार्यशाला में कर्नाटक के पिछडे बिदर जिले के किसानों ने बताया कि इस वर्ष अब तक राज्य में 54 गन्ना किसान आत्महत्या कर चुके है
इन किसानों ने बिदर जिले की तीन सहकारी गन्ना इकाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्होंने कभी .एथेनाल अल्कोहल. का उत्पादन करने वाले इकाइयों के बराबर भुगतान नहीं किया1 .एथेनाल अल्कोहन. का उत्पादन करने वाली इन इकाइयों के पास डिस्टिलरी लाइसेंस हैं1 पेटोलियम में मिलाए जाने वाले इस उत्पाद से देश में करोडों पए मूल्य की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है
जितेंद्र.सुरेश.ति्रपाठी1054जारी.वार्ता












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