Success Story: पिता ने खूब ताने सुनने के बाद भी 80 लाख खर्च कर बेटी गरिमा चौधरी को बनाया पायलट
Garima Chaudhary Pilot: मिलिए गरिमा चौधरी से। इन्होंने पायलट बनने का ख्वाब हकीकत में बदला है। अब इंडिगो एयरलाइंस में बतौर पायलट (जूनियर फर्स्ट ऑफिसर) हवाई जहाज उड़ाती नजर आएगी।
राजस्थान के छोटे से गांव काश्मीर से कामयाबी की बड़ी उड़ान भरने वाली गरिमा चौधरी को पूरी सक्सेस स्टोरी हर किसी को प्रेरित करने वाली है।

गांव काश्मीर राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव तहसील में पड़ता है। भारत-पाकिस्तान बसे बाड़मेर से पहली महिला पायलट बनना गरिमा चौधरी व इनके परिवार लिए इतना आसान नहीं था।
10वीं के बाद ही शुरू कर दी थी तैयारी
साल 1999 में जन्मी गरिमा ने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही पायलट बनने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसीलिए कक्षा 11-12वीं पीसीएम (फिजिक्स, कमेस्ट्री व मैथ्स) से उत्तीर्ण की। नीट-आईआईटी करने की बात आई, मगर मेरा मन तो पायलट बनने का था।

पिता को सुनने को मिलते थे ताने
गरिमा चौधरी कहती हैं कि पिता ने ऑनलाइन एयर फ्लाइंग में पायलट बनने प्रोसेस, फीस, संस्थान आदि के बारे में जानकारी जुटाई। फिर दाखिला लेने के लिए प्रेरित की। तब लोगों से कई तरह ताने सुनने को मिले। लोग कहते थे कि बेटी पर लाखों रुपए खर्च कर रहे हो। इतने में तो इसकी शादी हो जाती। अब पायलट बनने पर वो ताने मारने वाले ही गर्व करते नजर आते हैं।
साल 2019 में ज्वाइन किया फ्लाइंग क्लब
साल 2019 गरिमा चौधरी की जिंदगी का सबसे यादगार साल है। अप्रैल 2019 में गरिमा ने भुवनेश्वर में फ्लाइंग क्लब ज्वाइन किया था। इसके लिए भी मेडिकल फिट होना जरूरी है। छह पेपर पास करने होते हैं। तब जाकर फ्लाइंग क्लब के जरिए 18 माह में 200 घंटे उड़ान का मौका मिलता है। उसके बाद ही कॉमर्शियल लाइसेंस इश्यू होता है।

कोविड में बंद हो गए थे फ्लाइंग क्लब
भुवनेश्वर में फ्लाइंग क्लब ज्वाइन करके 22 घंटे उड़ान का अनुभव लिया ही था कि फिर साल 2020 में कोविड आ गया और सारे क्लब ही बंद हो गए। क्लब छोड़कर दो साल घर पर रहना पड़ा। क्लब खुलने लगे तो पापा सपना नहीं टूटने दिया और पुणे का फ्लाइंग क्लब ज्वाइन करवा दिया।
पुणे में शेष 178 घंटे की उड़ान पूरी की और फरवरी 2023 में रेड बर्ड फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी बारामती पुणे से कॉमर्शियल लाइसेंस मिला। मार्च 2023 में साउथ अमेरिका चली गई। वहां पर एयर बस 320 (एयर क्राफ्ट का मॉडल नंबर) की रेटिंग के लिए 60 दिन की ट्रेनिंग थी।

विस्तारा के बाद इंडिगो ने दिया मौका
मीडिया से बातचीत में गरिमा चौधरी ने कहा कि अमेरिका से आने के बाद विस्तारा एयरलाइंस में जनवरी 2024 में एप्लाई किया। इंटरव्यू का एक राउंड पूरा कर लिया, मगर दूसरे राउंड के लिए अभी तक बुलावा नहीं आया। फिर अप्रैल 2024 में इंडिगो एयरलाइंस में इंटरव्यू के चारों राउंड क्लियर करके पायलट बन गई। 17 मई 2024 को रिजल्ट आया था।

गरिमा के अनुसार इंडिगो एयरलाइंस में शुरुआत में 3 से 3.5 लाख रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। पांच साल का अनुभव हो जाने के बाद वेतन 6 से 7 लाख तक पहुंच जाएगा।
पायलट गरिमा चौधरी का जीवन परिचय
- नाम- गरिमा चौधरी
- जन्म-26 अगस्त 1999
- गांव-काश्मीर, शिव बाड़मेर
- पद-जूनियर फर्स्ट ऑफिसर (पायलट)
- कंपनी-इंडिगो एयरलाइंस
- खर्च-80 लाख रुपए
- वेतन-3.5 लाख रुपए
- पिता-खींयाराम चौधरी, पूर्व प्रधान
- दादा-बनाराम सारण, पूर्व सरपंच
- बहन-गीता चौधरी व लक्षिता चौधरी












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