Success Story:किसान की बेटी ने पहले प्रयास में किया UPSC क्रैक, 22 साल पहले पिता ने छोड़ा था बच्चों के लिए घर
Success Story: 'कभी-कभी परिवार की भलाई के लिए कड़े फैसले लेने पड़ते है और कभी-कभी कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है',इस बात को पूरी तरह से सही साबित किया है बांदा जिले के पचनेही गांव के किसान अनिल अवस्थी ने, जिन्होंने आज से करीब 22 साल पहले अपनी बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव छोड़कर लखनऊ आने का फैसला किया था।
एक किसान के लिए आसान नहीं था शहर जाकर अपने बच्चों की परवरिश करना लेकिन फिर भी अनिल अवस्थी ने अपने चारों बच्चों के भविष्य के लिए ये बड़ा कदम उठाया और आज कुदरत ने उन्हें उनके इस त्याग का खूबसूरत इनाम दिया है।

अनिल अवस्थी की छोटी बेटी राधा अवस्थी ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा 2023 क्रैक किया वो भी 7वीं रैंक के साथ।
सफलता किसी की बपौती नहीं...
राधा की सफलता साबित करती है कि सच्ची लगन और मेहनत के साथ अगर आप काम करें तो सक्सेस आपको हर हालत में मिलकर रहेगी और सफलता किसी की बपौती नहीं है।
आपको बता दें कि लखनऊ से बीएसएसी करने के बाद राधा केंद्रीय विद्यालय सागर से एमटेक की पढ़ाई कर रही थीं और साथ ही उन्होंने UPSC की भी तैयारी भी शुरू कर दी, वो रोजाना 6-7 घंटे पढ़ाई करती थी, उन्होंने एक टफ टाइमटेबल फॉलो किया जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
बस आपको अपाना लक्ष्य निर्धारित करना है...
राधा ने कहा कि 'कोई भी काम कठिन नहीं होता है बस आपको अपना लक्ष्य निर्धारित करना है। लड़कियां आज हर काम कर सकती हैं।' उन्होंने अपनी सफलता का पूरा क्रेडिट अपनी मेहनत और अपने मां-पापा की तपस्या को दिया, जिन्होंने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया।
आपको बता दें कि अनिल अवस्थी की तीन बेटियां और एक बेटा है। उनका बेटा गुजरात में इंजीनियर है तो वहीं उनकी बड़ी बेटी इंटर कॉलेज में लेक्चरर और बीच वाली बेटी बैंक मैनेजर है।
'आज मेरे बच्चो ने मेरा संकल्प पूरा कर दिया'
राधा की सफलता के बाद पिता अनिल अवस्थी की आंखें खुशी से छलछला उठीं, उन्होंने कहा कि 'बच्चों की पढ़ाई के लिए मैंने गांव छोड़ा था और आज मेरे बच्चो ने मेरा संकल्प पूरा कर दिया, मैं इसके लिए ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करता हूं।' आज अवस्थी परिवार लोगों के लिए मिसाल है।
राधा आज लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। वो हमेशा कहती हैं कि 'सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता है। सफलता का केवल एक ही मूल मंत्र है और वो ये कि तब तक मेहनत और जी-जान से जुटे रहो, जब तक कि आपको लक्ष्य ना मिल जाए, अगर आपकी कोशिश में ईमानदारी है तो हर हालत में आपको सफलता मिलकर ही रहेगी।'












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