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Success Story VIDEO: सफराज मजदूर बन गया डॉक्‍टर, दिन में दिहाड़ी मजदूरी, रात को जमकर पढ़ाई

Success Story in Hindi: सफराज ने बेइंतहा मुफलिसी देखी। ना सिर पर पक्‍की छत थी। ना भरपेट भोजन। महंगी कोचिंग के लिए पैसों का अभाव था और लोगों के ताने सुनने को मिलते थे। सो अलग, मगर सफराज ने हार नहीं मानी। मेहनत करना नहीं छोड़ा। दिन में हाड़-तोड़ मजूदरी और रात को खूब पढ़ाई। नतीजा यह कि आखिर कामयाबी ने सफराज के कदम चूम ही लिए।

labourer to doctor Physics Wallah founder Alakh Pandey

रोजाना 200 से 400 ईंट ढोकर दिहाड़ी मजदूरी करके डॉक्‍टर बनने वाले सफराज की सक्‍सेस स्‍टोरी Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय ने इंस्‍टाग्राम पर शेयर की है, जो उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जिन्‍हें तरक्‍की की राह में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति रोड़ा लगती है।

Success Story in Hindi

दरअसल, पश्चिम बंगाल के छोटे गांव में रहने वाले 21 साल के सफराज ने NEET 2024 में अखिल भारतीय स्‍तर पर 677/720 अंक किए हैं। बिना बुलंद हौसलों और कड़ी मेहनत के किसी मजदूर के नीट पास करना आसान नहीं। सफराज को कोलकाता के नील रतन सिरकार मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला है। पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्‍टर बनकर मिसाल कायम करेगा।

Physics Wallah Alakh Pandey success story

सफराज के नीट रिजल्‍ट के बाद Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय इनके घर आए और कामयाबी की पूरी कहानी जानी। परिजनों से बात की। सफराज की संघर्ष व कामयाबी को देखकर पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद की और कहा कि "यह पैसे गिफ्ट नहीं, बल्कि कर्ज हैं। इसे लौटाने का सबसे अच्छा तरीका है कि तुम भी किसी जरूरतमंद की मदद करो।"

Physics Wallah Alakh Pandey success story

अलख पांडेय से बात करते हुए सफराज की मां ने बताया कि उनका बेटा सुबह छह बजे मजदूरी करने जाता था। दोपहर दो बजे घर आता था। उसके बाद ट्यूशन जाता। रात दस बजे खाना खाने के बाद भी वह बिना छत वाले कमरे में बैठकर पढ़ता था। खुद मां भी रात को जागकर कभी उसके चाय बनाती थी तो कभी गर्म पानी देती थी।

Physics Wallah Alakh Pandey success story

अलख पांडेय इंस्‍टाग्राम पर लिखा

5 साल पहले जो सपना हम लोगों ने देखा था कि पीडब्ल्यू (Physics Wallah) को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाएंगे, जहां से भारत के कोने-कोने से बचे अपने सपने पूरे कर सकें। कोई बच्चा ये ना सोचे कि हम गरीब परिवार में जन्म लेते हैं तो हम बड़े सपने नहीं देख सकते। आज बहुत खुशी होती है ये देखकर कि हम कुछ हद तक वो सब हासिल कर पा रहे हैं। यह बच्चा पश्चिम बंगाल के एक बहुत ही छोटे गांव में रहता है।

2 साल से रोजाना 8 घंटे मेहनत का काम करता था। कोचिंग के लिए महंगी फीस नहीं थी तो पीडब्लू के यकीन बैच से तैयारी शुरू हुई और नीट 2024 क्रैक किया। आप सभी का धन्यवाद। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि अभी तो बस कुछ ही कदम आगे आए हैं, अभी बहुत दूर जाना है। ऐसे सारे बच्चे जो आज बहुत संघर्ष कर रहे हैं। बेटा मेहनत और शिक्षा ही एक रास्ता है जो आपका भविष्य बदल सकता है। पढाई करते रहें, शुभकामनाएँ।

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