12 की उम्र में शादी, फिर बच्चा, चारा बेचने वाली मां के बेटे ने 5वीं बार में पास की NEET परीक्षा
हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा के रिजल्ट सामने आए हैं। इस दौरान परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों की ऐसी कहानियां सामने आई हैं, जो काफी भावुक कर देने वाली हैं। ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद भी अपनी मेहनत और लगन से एग्जाम क्रैक किया है।
इस कड़ी में रामलाल भोई नाम का एक छात्र भी है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों को अपनी सफलता के आड़े नहीं आने दिया। रामलाल के पिता दूसरों के खेत पर मजदूरी करते हैं और मां चारा बेचने का काम करती है।

रामलाल के जज्बे को सलाम
परिवार कभी भी आर्थिक रूप से इतना सशक्त नहीं था लेकिन बावजूद इसके रामलाल ने डॉक्टर बनने की ऐसी जिद पकड़ी कि ना रुके और ना ही वे झुके। मेहनत और जज्बे के बलबूते पर रामलाल ने 632 अंक हासिल किए हैं और 5137 रैंक हासिल की है। ऑलइंडिया रैंक की बात करें तो रामलाल की ये रैंक 12901 है।
बचपन में हो गई थी शादी
परिवार की माली हालत के साथ साथ हैरानी की बात ये भी है कि रामलाल भोई का बचपन में ही बाल विवाह हो गया था। लेकिन उसके बाद भी उन्होंने पढ़ना-लिखना नहीं छोड़ा। समाज की सोच ऐसी थी पढ़ाई लिखाई करना इतना भी आसान नहीं था। लोगों ने पिता को ऐसा बहकाया कि उन्होंने रामलाल की पढ़ाई बंद करवा दी। इतना ही नहीं उन्होंने बेटे को पीटा भी।
इरादे मजबूत हों तो...
लेकिन कहते हैं ना कि जब इरादे मजबूत हों तो फिर आपको आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता। रामलाल ने परिवार को जैसे तैसे मनाया और फिर फैमिली ने कर्जा लेकर उन्हें पढ़ाया। इसके बाद बेटे ने ना आव देखा और ना ही ताव। बस कोशिश करता रहा और अपने पांचवे प्रयास में ही नीट क्रैक कर परिवार का नाम रोशन कर दिखाया।
क्या बोले रामलाल?
इस मामले पर खुद रामलाल ने कहा कि मुझे पता नहीं था कि आखिर क्या हो रहा है। बचपन में ही मेरी शादी हो गई थी। मुझे पैसे मिल रहे थे, खाना मिल रहा था तो मजा भी आ रहा था। मेरी पत्नी और मेरी उम्र एक ही है। मेरी पत्नी 10वीं तक पढ़ी है। ऐसे में समाज के हिसाब से लड़कियों का इतना पढ़ना बहुत बड़ी बात मानी जाती है।
'मैं उदयपुर से भागा और...'
रामलाल बोले कि मुझे नहीं पता था कि नीट का पेपर होता क्या है? 11वीं में मेरा दोस्त एग्रीकल्चर सब्जेक्ट ले रहा था तो मैं भी उसके साथ उदयपुर चला गया। मुझे नहीं मालूम था कि नीट देने के बाद डॉक्टर बनते हैं। मैं घर से उदयपुर भागा और वहां एडमिशन लिया। इसके बाद साल 2019 में मैंने 12वीं की परीक्षा 81 प्रतिशत नंबरों से पास की।
चारा बेचती है मां और
कच्चे मकान में रहने वाले रामलाल के घर में आधे समय तो बिजली ही नहीं आती। पिता दिन भर दूसरों के खेतों को जोतते हैं। मां चारा बेचने दूर दूर तक जाती हैं। रामलाल के पांच भाई बहन हैं। जब से उन्होंने नीट परीक्षा पास की है, घरवालों की खुशियों का ठिकाना ही नहीं है। पिता कहते हैं कि उनकी खुशी की कोई सीमा ही नहीं है।












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