IAS Neha Byadwal: 3 साल इन 3 चीजों से दूरी बनाई तब जाकर आईएएस अफसर बन पाईं नेहा ब्याडवाल
IAS Neha Byadwal Jaipur Rajasthan: दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ त्याग भी जरूरी है। त्याग, मतलब उन सबसे दूरी, जो आपको पढ़ाई में बाधा लग रहे हो। कुछ ऐसी ही सक्सेस स्टोरी नेहा ब्याडवाल की है।

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में महज 24 साल की उम्र में अखिल भारतीय स्तर पर 260वीं रैंक पाकर आईएएस अधिकारी बनने वालीं नेहा ब्याडवाल मूलरूप से राजस्थान के जयपुर जिले की जमवारामगढ़ तहसील की रहने वाली हैं।
अपनी सक्सेस स्टोरी पर चर्चा करते हुए नेहा ब्याडवाल ने बताया कि आईएएस बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी के दौरान तीन साल तीन चीजों से दूरी बनाए रखी। सार्वजनिक कार्यक्रम, दोस्त-रिश्तेदार और सोशल मीडिया। अचानक यूपीएससी क्रैक करने की सुनकर तो कई दोस्त चौंक गए।
नेहा कहती है कि यूपीएससी मैराथन है। रास्ते में असफलताएं भी आती हैं। उनसे घबराना नहीं है। अपना इरादा नहीं बदलना है। मैं पहले प्रयास में प्री भी पास नहीं कर पाई थी। फिर भी मेहनत करना नहीं छोड़ा। दूसरे प्रयास में आईएएस बन गई।
आईएएस नेहा ब्याडवाल का परिवार
बता दें कि आईएएस नेहा ब्याडवाल की बड़ी बहन निशा भारतीय इंजीनियरिंग सेवा की अधिकारी हैं। पिता प्रहलाद ब्याडवाल PHED में सीनियर अकाउंटेट डिविजनल आफिसर हैं। मां रजनी देवी गृहणी हैं। नेहा को बहन निशा से प्रेरणा मिली।












Click it and Unblock the Notifications