चाहकर भी राम रहीम और हनीप्रीत नहीं पैदा कर सके बच्चा, जानिए क्यों
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नई दिल्लीः दुनिया में अभी तक आपने सात अजूबों के बारे में सुना होगा, लेकिन हनीप्रीत और बाबा राम रहीम दुनिया में आठवां अजूबा बनाने चाहते थे। लेकिन बाबा और हनीप्रीत का ये अजूबा बन न सका। बाबा और हनीप्रीत के अरमानों पर पानी फिर गया। दोनों की ख्वाहिश पूरी न हो सकी।

सेवादार ने खोला राज
डेरे के एक पूर्व सेवादार ने चौंका देने वाली खुलासा किया है। सेवादार ने बताया है कि हनीप्रीत और बाबा राम रहीम एक बच्चा पैदा करना चाहते थे। हनीप्रीत नहीं चाहती थी कि डेरे का साम्राज्य राम रहीम के बेटे जसमीत सिंह इंसां को मिले।

डेरे में नंबर दो थी हनीप्रीत
डेरे के पूर्व सेवादार गुरदास तूर की माने तो हनीप्रीत का डेरे में दबदबा नंबर दो जैसा बन चुका था, यही कारण था कि वो चाहती थी कि उसका कोई बच्चा हो और वो डेरे का मुखिया बने। बाबा रहीम भी इसके लिए तैयार था।

हनीप्रीत चाहती थी बच्चा
भले ही बच्चा हनीप्रीत और बाबा रहीम को होता लेकिन दुनिया की नजरों में बच्चे का पिता विश्वास गुप्ता होता। लेकिन हनीप्रीत के पति ने उसे तलाक दे दिया, जिससे उसके अरमानों पर पानी फिर गया।

हनीप्रीत को करा दिया गया चुप
डेरे के पूर्व सेवक ने बताया कि विकास गुप्ता के साथ शादी के बाद बाबा राम रहीम ने हनीप्रीत को अपनी गुफा में बुलाया था। सेवादार के मुताबिक अगली रात हनीप्रीत बाबा की गुफा से रोती हुई बाहर आई, हनीप्रीत के परिवार ने उस समय डेरे में काफी हंगामा किया। लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया।

हनीप्रीत ने खाई थी कसम
इस घटना के बाद हनीप्रीत अपने फतेहाबाद के लिए निकल गई, लेकिन बाबा के गुंडों ने उसे वापस डेरे में आने पर मजबूर कर दिया। कहा जाता है कि उसी समय हनीप्रीत ने कसम खाई थी कि वो बाबा को बर्बाद कर देगी।

नहीं हो सका राम रहीम का सपना
ऐसे कई सपने थे जो राम रहीम और हनीप्रीत ने देखे थे। जिस तरह मरने से पहले रावण दुनिया स्वर्ग में सीढ़ियां बनाने का सपना देखता था उसी तरह राम रहीम परमाणु बम बनाने का सपना भी देखता था, इसके लिए उसने कई लोगों को हायर भी किया था लेकिन उसका सपना पूरा नहीं हो सका।












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