Vikas Divyakirti सर की सलाह, 'पार्टनर से अगर हो जाए झगड़ा, तब भी इन बातों का कभी न लाएं बीच में'
Relationship Tips Vikas Divyakirti: रिश्तों में तकरार होना कोई नई बात नहीं है। कहते हैं कि जहां प्यार होता है, वहां मतभेद भी स्वाभाविक तौर पर होते हैं। कभी-कभी यही छोटे-छोटे झगड़े रिश्तों में कड़वाहट और मनमुटाव की बड़ी वजह बन जाते हैं। मोटिवेशनल स्पीकर और मशहूर टीचर विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि कभी भी झगड़े में पार्टनर से कुछ बातें नहीं कहनी चाहिए। इससे रिश्तों की कटुता बहुत बढ़ जाती है और कई बार ये बातें रिश्ता टूटने की वजह भी बनती है।
मोटिवेशनल स्पीकर विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि तकरार को सही तरीके से हैंडल नहीं किया जाए, तो संबंध टूटने तक की स्थिति में पहुंच सकते हैं। रिश्ता कितना मजबूत या कमजोर है, यह अक्सर इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप सबसे खराब पलों में कैसा व्यवहार करते हैं।

Vikas Divyakirti ने दिए झगड़े में संतुलित रहने के सुझाव
- विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि रिश्ते की सेहत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि झगड़ों के दौरान आप क्या बोलते हैं और किन बातों से परहेज करते हैं।
- उनका कहना है कि अक्सर एक छोटी-सी बात बहस का बड़ा रूप ले लेती है, क्योंकि लोग गुस्से में ऐसी बातें कह जाते हैं जो सालों तक याद रहती हैं।
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- उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण सलाह दी है कि झगड़े के दौरान कभी भी अतीत की बातें न छेड़ें। रिश्ते में दोनों तरफ से गलती होती है, लेकिन पुराने मुद्दों को बार-बार दोहराने से झगड़ा और गहरा हो जाता है।
- जब वर्तमान विवाद में बीती गलतियों को घसीटा जाता है, तो सुलह की संभावना कम होती जाती है और रिश्ते में दूरी बढ़ने लगती है। इसलिए गुस्से के दौरान भी अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है।
Relationship Tips: एक-दूसरे के परिवार पर टिप्पणी से बचना चाहिए
विकास दिव्यकीर्ति ने यह भी कहा कि किसी भी झगड़े में परिवार या तीसरे व्यक्ति को शामिल न करें। खास तौर पर माता-पिता, भाई-बहन या किसी एक्स का नाम बहस में लाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इस तरह बोले गए शब्द मन में चुभ जाते हैं और लंबे समय तक रिश्ते में तनाव पैदा करते हैं। इसलिए किसी भी विवाद को हमेशा वर्तमान तक सीमित रखें और समाधान को आपस में ही खोजें।
स्वस्थ रिश्ते की नींव समझ, सम्मान और संवाद पर टिकती है। अगर इसे निभाने वाले लोग यह सीख लें कि कब चुप रहना है और कब बात को शांत तरीके से हल करना है, तो कई झगड़े खुद-ब-खुद खत्म हो जाते हैं।
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