बापू हंसते क्यों रहते हैं
बापू हंसते क्यों रहते हैं
संता- यार बंता ये बापू हर नोट पर हंसते हुए क्यों मिलते हैं।
बंता- सिम्पल है यार, अगर वो रोएंगे तो नोट गीला हो जाएगा।
शेरवानी की सिलाई है डबल
एक लंबा तगड़ा बहुत ही मोटा आदमी दर्जी की दुकान पर पहुंचा।
दर्जी ने बड़ी कठिनाई से नाप लेकर हांफते हुए कहा: जनाब, इस शेरवानी की सिलाई के सौ रूपये होंगे।
आदमी परंतु तुमने टेलीफोन पर पचास रूपये बताए थे।
दर्जी ने पसीने पोंछते हुए कहा- जी, हां बताये तो थे, परंतु शेरवानी के बताए थे, शामियाने से नहीं।












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