संता और लोहार
संता और लोहार
एक लोहार काफी बूढ़ा हो गया था उसने सोचा कि उसे अपने साथ किसी आदमी को काम पर रख लेना चाहिए।
तब उसने संता को बुलाया और अपने साथ काम पर रख लिया संता उससे हर काम से पहले उसके बारे में पूछ लेता।
बूढ़ा काफी चिढ़चिढ़ा और सख्त स्वभाव का था उसने संता को कहा कि वह ज्यादा सवाल मत पूछा करे जो उसे कहा जाये उसे चुपचाप किया करे।
एक दिन लोहार ने जलती हुई भट्टी से लोहा निकाला और और सन्दान पर रख दिया उसने हथौड़ा उठाया और संता को पकड़ाया और कहा जब मैं अपना सिर हिलाऊँ तो इसे पूरे जोर से मार देना।
और बस तब से शहर के लोग किसी नए लोहार की तलाश में है।
कपड़े का व्यापारी और पत्नी
कपड़े का एक व्यापारी नींद में स्वप्न देख रहा था।
सपने में उसने देखा कि एक ग्राहक उससे 200 रुपये मीटर वाला कपड़ा मांग रहा है और वह कपड़ा नाप रहा है।
अनायास ही उसका हाथ बिस्तर की चादर पर पड़ गया।
उसने नींद में ही उसे फाड़ना शुरू कर दिया।
चादर फटने कि आवाज सुनकर पत्नी जाग उठी और चीखते हुए बोली, अरे तुम यह क्या कर रहे हो?
व्यापारी अर्धचेतन अवस्था में बोला, कम्बख्त ने नाक में दम कर रखा है, दुकान पर भी पीछा नहीं छोड़ती।












Click it and Unblock the Notifications