दिल्ली गैंगरेप में सभी आरोपी दोषी करार, फैसला कल
नयी दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने गैंगरेप के चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को बलात्कार का आरोपी माना है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376, धारा 377,धारा 307, धारा 396 और धारा 302 की तहत दोषी पाया गया है। गैगंरेप के आरोपी मु केश कुमार, अक्षय ठाकुर, विनज शर्मा और पवन गुप्ता को हत्या, गैंगरेप, अपहरण के तहत दोषी करार दिया गया है। इनकी सजा पर कोर्ट कल अपना फैसला सुनाएंगी। कोर्ट में सुबह उनकी सजा पर बहस होगी, जिसके बाद कोर्ट उन्हें सजा सुनाया जाएगा।
9 महीने के इंतजार के बाद अब फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। इससे पहले चारों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में सुबह तिहाड़ जेल से साकेत कोर्ट लाया गया। आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमे चला। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया। कोर्ट में पीड़िता का पूरा परिवार मौजूद रहा। पूरी जिरह के बाद आरोपियों पर कल सजा का ऐलान होगा। वही दोषियों के वकील एपी सिंह ने उनके बचाव में कहा कि उनके मुवकिलों के खिलाफ राजनीतिक दबाव के कारण फैसला लिया जा रहहा है। फैसले के बाद मीडिया के बातचीत में एपी सिंह ने कहा कि घटना के वक्त तीन आरोपी दिल्ली में नहीं थे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलते ही वो साकेत कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट जाएंगे।
16 दिसंबर की इस वारदात के बाद पूरे देश में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन का दौर चला था। लोगों के निशाने पर दिल्ली पुलिस और सरकार थी। शीला दीक्षित को आंदोलनकारियों ने भरी सभा से लौटने पर मजबूर कर दिया था। दिल्ली पुलिस के पूर्व कमीश्नर नीरज कुमार को भी इस वारदात के बाद आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। पूरी दिल्ली जंग का मैदान बन गई थी।
दिल्ली गैंगरेप के 6 दरिंदे
राम सिंह, मुख्य आरोपी- तिहाड़ जेल में की खुदकुशी
मुकेश कुमार- दोषी करार
अक्षय ठाकुर- दोषी करार
विनज शर्मा- दोषी करार
पवन गुप्ता- दोषी करार
कब-कब क्या हुआ
16 दिसंबर 2012- दक्षिणी दिल्ली की मुनिरका इलाके में चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप।
17 दिसंबर 2012- इस मामले के मुख्य आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया गया।
18 दिसंबर 2012- मामले के बाकी आरोपी पवन,विनय और मुकेश को पकड़ा गया।
20 दिसंबर 2012- गैंगरेप के नाबालिग आरोपी पकड़ में आया।
21 दिसंबर 2012- छठें आरोपी अक्षय को गिरफ्तार किया गया।
23 अगस्त 2012- मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालत बनाई गई।
3 जनवरी 2013- पुलिस ने 33 पन्नों की पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
2 फरवरी 2013- पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये गये।
5 फरवरी 2013- इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
11 मार्च 2013- गैगरेप के मुख्य आरोपी रामसिंह ने जेल में खुदकुशी कर ली।
22 अगस्त 2013- इस मामले में अंतिम बहस शुरू हुई।
3 सितंबर 2013- मामले की सुनवाई खत्म हुई।
10 सितंबर 2013- कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
गैंगरेप के बाद हुए 10 बदलाव
पुलिस पेट्रोलिंग वाहनों की संख्या बढ़ी
रेप और गैंग रेप के लिए जांच अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण
इलाज से इन्कार नहीं करेंगे अस्पताल
केस दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी
इन्कार नहीं करेगा ऑटो वाला
रात में बसों के अंदर रौशनी जरूरी
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
अस्पताल का फोन नंबर रखते हैं पुलिसकर्मी
कानून में किया गया संशोधन
अंधेरे रास्तों पर स्ट्रीट लाइटें लगीं
महिलाओं की मदद को हेल्पलाइन













Click it and Unblock the Notifications