Fact Check: जहांगीरपुरी हिंसा के दौरान पुलिसकर्मी पर भीड़ का हमला, जानिए सच्चाई
नई दिल्ली, 18 अप्रैल: उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती शोभायत्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में आठ पुलिसकर्मियों और एक स्थानीय सहित नौ लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दंगा करने और हत्या के प्रयास के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में अब सोशल मीडिया पर जहांगीरपुरी हिंसा को लेकर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भीड़ ने सिपाही पर हमला किया है। ऐसे में जानिए क्या है वायरल फोटो की सच्चाई।

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दिल्ली में शनिवार को हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान जहांगीरपुरी इलाके में शाम को पथराव की घटना सामने आई। दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद हिंसा भड़क गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 तमंचे और 5 तलवारें भी बरामद की हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है, पुलिस कर्मी पर भीड़ की तरफ से किया जा रहा हमला, जहांगीरपुरी हिंसा से जुड़ी हुई है। वायरल फोटो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी सड़क पर पड़ा हुआ था, जो शायद घायल है और एक व्यक्ति उस पर पत्थर से निशाना साधता हुआ दिखाई दे रहा है।
लोगों ने ट्विटर पर #DelhiRiots और #Jahangirpuri जैसे हैशटैग के साथ फोटो शेयर करना शुरू कर दिया है, लेकिन जब इस तस्वीर की हकीकत सामने आई तो पूरा मामला पूरी तरह से गलत साबित हुआ। जिस तस्वीर को जहांगीरपुरी हिंसा के साथ जोड़कर वायरल किया जा रहा है, वो दरअसल वहां की नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल हो रही तस्वीर लगभग तीन साल पुरानी है, जो दिल्ली की नहीं बल्कि अहमदाबाद में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी।
बता दें इस तस्वीर को 20 दिसंबर, 2019 का आईपीएस अधिकारी पंकज नैन ने ट्वीट किया था, जिनके पुराने ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि यह फोटो हालिया जहांगीरपुरी हिंसा से कोई वास्ता नहीं रखती। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की 20 दिसंबर, 2019 को एक रिपोर्ट में यही तस्वीर देखी जा सकती है। जिसकी बताया गया है, "अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाके में गुरुवार को लोगों ने एक पुलिसकर्मी पर हमला किया।" इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमदाबाद में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। इसमें 12 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 30 लोग घायल हो गए। ऐसे में इससे साफ होता है कि मौजूदा घटना से इस तस्वीर को कोई संबंध नहीं है।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि वायरल फोटो जहांगीरपुरी हिंसा से जुड़ी हुई है।
नतीजा
जहांगीरपुरी हिंसा के नाम से वायरल की जा रही तस्वीर 3 साल पुरानी अहमदाबादकी है।












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