Shakun Rani पर राहुल गांधी के आरोप से मचा बवाल, ‘डुप्लिकेट वोटिंग’ के दावों पर EC ने ली क्लास! जानें सच?
Rahul Gandhi Voter Chori: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोट चोरी' के दावों ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने राहुल को नोटिस भेजकर महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में डुप्लिकेट वोटिंग के उनके आरोपों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है।
यह मामला तब गर्माया, जब राहुल ने 'शकुन रानी' नाम की एक मतदाता के दो बार वोट डालने का दावा किया। लेकिन, CEO ने इसे झूठा करार देते हुए राहुल से सबूत मांगे हैं। आइए, इस सनसनीखेज खबर को मसालेदार अंदाज में जानते हैं...

क्या है पूरा मामला?
7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (EC) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में शकुन रानी नाम की एक मतदाता ने एक ही पहचान पत्र पर दो बार वोट डाला। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' का सबूत बताते हुए कहा कि 1,00,250 वोट डुप्लिकेट प्रविष्टियों, फर्जी पतों, और एक ही पते पर बड़े पैमाने पर पंजीकरण के जरिए चुराए गए। राहुल ने यह भी कहा, 'हमारे आंतरिक सर्वे में कर्नाटक में कांग्रेस को 16 लोकसभा सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हमें सिर्फ 9 सीटें मिलीं।'
CEO ने नोटिस में साफ कहा, 'हमारी जांच में पता चला कि शकुन रानी ने सिर्फ एक बार वोट डाला। राहुल द्वारा दिखाया गया सही का निशान वाला दस्तावेज किसी मतदान अधिकारी ने जारी नहीं किया।' नोटिस में राहुल से उनके दावों के समर्थन में प्रासंगिक दस्तावेज 15 अगस्त तक जमा करने को कहा गया है, ताकि विस्तृत जांच हो सके।
राहुल के दावे: 'वोट चोरी' या सियासी हंगामा?
10 अगस्त 2025 को X पर राहुल ने अपने आरोप दोहराते हुए कहा, 'वोट चोरी 'एक व्यक्ति, एक वोट' के सिद्धांत पर हमला है। EC को डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता और पार्टियां इसका ऑडिट कर सकें।' राहुल ने महादेवपुरा में पांच तरीकों से वोट चोरी का दावा किया, जिसमें डुप्लिकेट वोटर, फर्जी पते, और एक ही पते पर कई मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को 'झूठा' करार दिया और राहुल को दो विकल्प दिए: या तो अपने दावों की औपचारिक पुष्टि करें, या माफी मांगें। EC का कहना है कि उनकी सत्यापन प्रक्रिया में ऐसी कोई अनियमितता नहीं मिली।
कांग्रेस का 'करो या मरो' मिशन
कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। 11 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक होगी। इसमें 'मतदाता सूची में हेराफेरी' और 'चुनावी धोखाधड़ी' के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान की योजना बनेगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से जोड़ते हुए 'लोकतंत्र बचाओ' मिशन बताया।
कांग्रेस और उनके इंडिया ब्लॉक सहयोगी बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह वोटर लिस्ट में हेरफेर का हिस्सा है।
क्या है Shakun Rani का रहस्य?
शकुन रानी के मामले ने इस विवाद को और रोचक बना दिया है। राहुल का दावा है कि उनके पास EC के रिकॉर्ड हैं, जो डुप्लिकेट वोटिंग साबित करते हैं। लेकिन CEO का कहना है कि शकुन रानी ने सिर्फ एक बार वोट दिया, और राहुल का दिखाया 'सही का निशान' वाला दस्तावेज फर्जी है। अब सवाल यह है कि क्या राहुल के पास ठोस सबूत हैं, या यह सिर्फ सियासी शोर है?
आगे क्या?
राहुल गांधी को 15 अगस्त तक सबूत जमा करने हैं। अगर वह ऐसा नहीं कर पाए, तो EC उनकी माफी की मांग को और तेज कर सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस इस मुद्दे को 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा हथियार बनाने की फिराक में है। क्या यह 'वोट चोरी' का असली मामला है, या सिर्फ सियासत की चाल? यह तो जांच और राहुल के जवाब से ही साफ होगा।
आप क्या सोचते हैं? क्या राहुल गांधी के पास वोट चोरी का ठोस सबूत है, या यह EC को घेरने की रणनीति है? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!
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Fact Check
दावा
शुकन रानी को डबल वोटर बताया गया, जो गलत है।
नतीजा
EC की रिपोर्ट में राहुल गांधी के दावे झूठे।












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