Fact Check: इंटरनेशनल यात्रियों के लिए COVID-19 निगेटिव सर्टिफिकेट अनिवार्य, जानें सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए निगेटिव COVID-19 टेस्ट अनिवार्य करने की योजना बनाई है।

COVID-19 Fact Check News: चीन में अचानक कोरोना के नए वैरिएंट से मची तबाही के बीच भारत सरकार पर भी सतर्क हो गई है। चीन में बड़ी संख्या में कोरोना के नए मामले रिपोर्ट होने के बाद देश और दुनिया में चिंता फैल गई है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए निगेटिव COVID-19 टेस्ट अनिवार्य करने की योजना बनाई है। ऐसे में क्या है इस दावे की सच्चाई जानिए...
ट्वीट यूजर ने किया दावा
दरअसल, गुरबख्श सिंह चहल नाम के एक ट्विटर यूजर ने अपने पोस्ट में BNN India की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि देश के स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की योजना अधिक मामलों वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एक COVID-19 निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य करने की है।
#FakeNews
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) December 24, 2022
This message is circulating on social media platforms regarding #COVID19 testing of incoming passengers to India.
The message is #FAKE and #MISLEADING. pic.twitter.com/nNRnFTqaod
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई
इस दावे पर सरकार ने ऐसी किसी भी योजना से इनकार किया है और स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट करके इसकी सच्चाई बताई है। मंत्रालय ने इस दावे का खंडन करते हुए अपने ट्वीट में बताया, "यह मैसेज भारत आने वाले यात्रियों के COVID19 टेस्ट के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रसारित हो रहा है। यह मैसेज फेक और भ्रामक है।" बता दें कि केंद्र सरकार ने चीन की स्थिति के मद्देनजर कई एहतियाती कदम उठाए हैं। इनमें एयरपोर्ट्स पर रैंडम टेस्टिंग शामिल है।
अलर्ट मोड पर केंद्र सरकार
देश में कोरोना को लेकर सरकारें अलर्ट मोड पर आ चुकी है। पीएम मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कोविड की स्थिति को लेकर हाई लेवल मीटिंग कर मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इसी के साथ कोरोना की प्रिकॉशन डोज पर जोर जोर देने के लिए कहा। इसके अलावा केंद्र ने बड़ा फैसला करते हुए प्राइवेट अस्पतालों में 18 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को नेजल वैक्सीन लगाने की इजाजत दे दी है।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि कोरोनाके चलते अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए निगेटिव COVID-19 रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।
नतीजा
यह एक झूठा दावा है, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने भ्रामक बताया है।












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