Fact Check: क्या Aspirin खाने से ठीक हो रहा कोविड-19? सरकार ने बताई सच्चाई
नई दिल्ली, 08 सितंबर: कोरोना के खिलाफ देशभर में युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन का काम चल रहा है। इस बीच सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए भी अपने स्तर पर तैयारियां कर रही है, लेकिन कोरोना संक्रमण के इस दौर में सोशल मीडिया पर लोग भ्रामक मैसेज करने से बाज नहीं रहे हैं। अब सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि कोविड-19 वायरस नहीं बल्कि बैक्टीरिया है और इसका इलाज एस्पिरिन जैसी दवा से किया जा सकता है। आखिर क्या है इस वायरल पोस्ट की सच्चाई जानिए...

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा करते हुए बताया गया है कि सिंगापुर ने एक ऐसे व्यक्ति का शव परीक्षण किया, जिसकी मौत कोरोना से हुई थी। इस दौरान पाया गया कि कोरोना वायरस नहीं एक बैक्टीरिया है और इसे एस्पिरिन जैसी दवा से ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि सिंगापुर कोविड-19 के शव का परीक्षण (ऑटोप्सी) करने वाला दुनिया में पहला देश बन गया है। साथ ही बताया गया कि कोरोना वायरस बीमारी को ठीक करने में एस्पिरिन की भूमिका पर एक अध्ययन किया गया है।
वहीं अब वायरस की सच्चाई बताते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्विटर करते हुए इस पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है। साथ ही अपने ट्वीट में बताया कि कोविड-19 से ठीक होने के लिए एस्पिरिन नहीं है। पीआईबी ने लिखा कि फॉरवर्ड किए गए WhatsApp मैसेज में दावा किया गया है कि कोविड-19 एक वायरस नहीं बल्कि एक बैक्टीरिया है और इसे एस्पिरिन जैसे एंटीकोआगुलंट्स से ठीक किया जा सकता है। जो पूरी तरह फेक है। इसके साथ ही कहा गया कि कोविड-19 एक वायरस है बैक्टीरिया नहीं, जिसे एस्पिरिन जैसी दवा से ठीक नहीं किया जा सकता है।
अब सरकार ने लोगों से इस तरह से झूठे पोस्ट पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब कोरोना वायरस को लेकर ऐसे भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया पर फैलाएं गए हो। इससे पहले कई मैसेज सामने आ चुके है। वहीं वनइंडिया भी अपने पाठकों से अपील करता है कि आप ऐसे वायरल मैसेज पर भरोसा ना करें। अगर आपको किसी तरह की तथ्यात्मक जानकारी चाहिए तो आप सरकार की हेल्थ वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

Fact Check
दावा
COVID-19 वायरस नहीं बल्कि एक बैक्टीरिया है और इसे एस्पिरिन से ठीक किया जा सकता है।
नतीजा
यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।












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