Fact Check: क्‍या भारत में हो चुकी है चाइना के रहस्‍यमयी निमोनिया की एंट्री, जानें सच

China Pneumonia Entered in India? भारत का पड़ोसी देश चाइना बीते एक महीने से रहस्‍यमयी निमोनिया के कहर से जूझ रहा है। चाइना में अचानक बढ़े "माइकोप्लाज्मा निमोनिया" नाम का निमोनिया सबसे अधिक बच्‍चों को अपना शिकार बना रहा है। चाइना के अस्‍पतालों में श्वसन संक्रमण संबंधी मरीजों की संख्‍या में पिछले दिनों तेजी से बढ़ोत्‍तरी हुई है।

China Pneumonia

चाइना में फैले निमोनिया को लेकर भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षात्‍मक उपाय करने की सलाह दी गई थी। जारी किए गए इस अलर्ट के बीच गुरुवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत में माइकोप्‍लाज्‍मा निमोनिया के सात केस दर्ज किए गए हैं। आइए जानते हैं आखिर क्‍या सच में चाइना के रहस्‍यमयी निमो‍निया की एंट्री भारत में हो चुकी है?

बता दें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एन9एन2 के मामलों पर नजर बनाए हुए है। डब्लूएचओ ने अपने अधिकारियों को चाइना पर लगातार नजर बनाए रखने और संक्रामक रोग को फैलने से रोकथाम संबंधी प्रयास करने का निर्देश दिया है। भारत में भी इस रहस्‍यमयी निमोनिया को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और इससे बचाव के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

बता दें गुरुवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि माइकोप्‍लाज्‍मा निमोनिया के केस भारत में रिपोर्ट किए गए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट में चाइना के रहस्‍यमयी निमोनिया के दिल्ली के एम्स में 7 सैंपल पॉजिटिव मिलने की बात कही गई है।

जिसके बाद ये खबर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। "China Pneumonia Cases in india: भारत में मिले चीन में फैल रहे माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मरीज, AIIMS में आए 7 पॉजिटिव केस" शीर्षक वाली खबर सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्स पर शेयर किया गया। इसके अलावा अन्‍य यूजर्स ने रिपार्ट शेयर करते हुए भारत में चाइना का रहस्‍यमयी निमोनिया फैलने का दावा किया गया।

हालांकि भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है। भ्रामक जानकारी फैलाने वाली रिपोर्ट्स का खंडन करते हुए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने एक्‍स पर लिखा "चीन में हाल ही मे निमोनिया के मामलों में वृद्धि से जुड़ी एम्‍स दिल्‍ली में बैक्‍टीरिया के मामलों का पता लगाने वाली मीडिया रिपोर्ट भ्रामक और सरासर गलत है।"

पीआईबी द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया

दिल्ली एम्स में बैक्टीरियल संक्रमण के कुछ मामलों को चीन में निमोनिया से जोड़कर किए जा रहे दावे गलत हैं। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, निमोनिया के सबसे आम प्रकारों में से एक है। एम्स दिल्ली में निमोनिया के मामलों का चीन के बच्चों में रिपोर्ट किए गए श्वसन संक्रमण से कोई संबंध नहीं है। भारत सरकार ने इसे लेकर पूरे देश में अलर्ट जारी किया है और सभी सुरक्षा उपायों का गंभीरता से पालन किया जा रहा है।

क्‍या चीन में फैले निमोनिया से कोरोना जैसी महामारी फैलने का है खतरा?

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार नार्थ चाइना में बीते तीन महीनों की अपेक्षा अक्‍टूबर महीने के मध्‍य में इन्‍फ्लूएंजा जैसी बीमारियों में वृद्धि दर्ज की गई। वैज्ञानिकों ने ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी लेकिन उन्‍होंने कहा कि ये पक्‍के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि चाइना में फैली ये बीमारी किसी नई वैश्विक संक्रमण की शुरूआत का संकेत है या नहीं।

दुनिया भर में महामारी फैलाने वाले संक्रमण की शुरूआत ज्‍यादातर श्वसन संबंधी बीमारी के रहस्‍यमयी और अज्ञात स्‍वरूप से शुरू होती है। कोरोना वायरल की भी जब शुरूआत हुई थी तब शुरूआती दौर में उसे निमोनिया ही समझा और बताया गया था और उसी साधारण निमोनिया जैसा इलाज किया जा रहा था। वहीं बीते एक महीने से चाइना में जो सांस संबंधी जो बीमारी फैल रही है, वो मुख्‍य रूप से इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और सार्स-सीओवी-2 जैसे रोगों के लिए जिम्मेदार है।

Fact Check

दावा

media

नतीजा

false

Rating

Misleading
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+