Ayodhya: रामलला को जाने वाली सड़क पर 7.5 KM तक तिल रखने की जगह नहीं! जानिए वायरल दावे का सच
राम मंदिर उद्घाटन के बाद से लगातार अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। रामलला को नए भवन में देखने के लिए देश के कोने- कोने से राम भक्तों, सनातन धर्मियों का जत्था पहुंच रहा है। ऐसे में अयोध्या समेत आसपास के जिले में सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। इस बीच एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या में भीड़ इतनी हो गई कि रामंदिर और फैजाबाद शहर के बीच सड़क पर करीब साढ़े सात किलोमीटर तक तिल रखने तक की जगह नहीं बची। आइए जानते हैं कि वायरल तस्वीर और इसको लेकर किया जा रहा दावा सच की कसौटी पर कितना खरा उतरता है।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर के उद्घाटन के बाद नियमित पूजा पाठ और आरती का क्रम जारी है। राम मंदिर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने आम श्रद्धालुओं ने दर्शन भी बहाल कर दिया है। ऐसे में दिव्य मंदिर और रामलला के दर्शन के लिए देख के कोने- कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। राम मंदिर परिसर के बाहर राम भक्तों की लंबी लाइन देखी जा सकती है।

राम मंदिर उद्घाटन के बाद एक वायरल तस्वीर को लेकर दावा किया गया कि ये अयोध्या राम जन्मभूमि के बाहर की है। तस्वीर को इस दावे के साथ प्रसारित किया गया कि ये 22 जनवरी को शाम 6 बजे अयोध्या में मंदिर के बाहर कैप्चर की गई थी। फेसबुक पर शेयर की गई तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा गया, "फोटो 22-01-2024 को शाम 6-00 बजे ली गई।" तस्वीर के साथ टेक्स्ट में लिखा गया, "श्री अयोध्या... अभी ली गई तस्वीर, 7.5 किलोमीटर दूर भक्तों का सागर।"
पड़ताल में सामने आया सच
वायरल तस्वीर को लेकर जब गूगल सर्च किया गया तो पाया ये फोटो अयोध्या की नहीं, बल्कि ओडिशा में ली गई थी, जिसे 20 जून, 2023 को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी। ये तस्वीर ओडिशा में जगन्नाथ रथ यात्रा जुलूस की है। जिसमें उन्होंने कैप्शन में लिखा था, "पूछती हुई आंखें, न। बड़ा डंडा में भक्तों और भगवान का अद्भुत मिलन। जय जगन्नाथ।"
ऐसे में पड़ताल में सामने आया कि वायरल तस्वीर को लेकर दावा पूरी तरह से गलत है। वायरल तस्वीर 22 जनवरी को हुए अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन की नहीं है।

Fact Check
दावा
एक वायरल तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या में भीड़ इतनी हो गई कि रामंदिर और फैजाबाद शहर के बीच सड़क पर करीब साढ़े सात किलोमीटर तक तिल रखने तक की जगह नहीं बची।
नतीजा
ऐसे में पड़ताल में सामने आया कि वायरल तस्वीर को लेकर दावा पूरी तरह से गलत है। वायरल तस्वीर 22 जनवरी को हुए अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन की नहीं है।












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