Fact Check: पोषण योजना के लिए बच्चों का आधार कार्ड हुआ अनिवार्य? जानिए क्या है इस दावे की सच्चाई

नई दिल्ली, जून 30। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक 'पोषण योजना' को लेकर एक दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस दावे में कहा जा रहा है कि इस योजना के लाभार्थी बच्चों के लिए सरकार ने उनका आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। दावे में कहा गया है कि पोषण योजना का लाभ लेने के लिए अब बच्चों का आधार कार्ड होना अनिवार्य होगा।

POSHAN scheme

क्या कहा जा रहा है इस दावे में?

वायरल हो रहे दावे में कहा गया है, "5 साल से कम उम्र के 25 प्रतिशत बच्चों के पास आधार होने के चलते मोदी सरकार ने उन राज्यों को धन में कटौती करने की धमकी दी है जो सभी बच्चों के लिए आधार आईडी सुनिश्चित नहीं करते हैं।" आपको बता दें कि इस योजना में 6 साल से कम उम्र के लाखों बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त, पौष्टिक भोजन मुहैया कराया जाता है।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि जिन बच्चों के पास आधार कार्ड होगा उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। पोस्ट में दावा है कि आधार कार्ड वाले बच्चे ही घर ले जाने वाले राशन, गर्म पका हुआ खाना और आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदान की जाने वाली अन्य सुविधाओं के लिए रजिस्टर्ड होंगे। इस पोस्ट में दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि जब-जब आंगनबाड़ी सेंटर पर लाभार्थी आएंगे तब-तब उन्हें आधार कार्ड अपने साथ लाना होगा।

क्या सच्चाई है इस दावे की?

आपको बता दें कि वायरल हो रहे इस दावे को लेकर पीआईबी ने इसकी सच्चाई उजागर की है। पीआईबी की ओर से इस दावे को फर्जी करार दिया गया है। पीआईबी ने ट्वीट कर कहा है, "बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है बल्कि पोषण ट्रैकर के लिए मां का आधार आईडी जरूरी है।"

मिनिस्ट्री ऑफ वुमेन चाइल्ड डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया है कि सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशियन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि लाभार्थी को पोषण वितरण सुनिश्चित करने के लिए माता/माता-पिता का आधार पोषण ट्रैकर में दर्ज किया गया है। टेक-होम राशन की डिलीवरी के बारे में एसएमएस भेजा जाएगा।

केंद्र की पोषण योजना के बारे में जानिए

आपको बता दें कि केंद्र सरकार की 'पीएम पोषण शक्ति निर्माण' योजना को पिछले साल शुरू किया गया था। इस योजना को शिक्षा मंत्रालय के द्वारा सरकारी या फिर सरकार से प्राप्त सहायता वाले स्कूलों में संचालित किया जाता है।

योजना के तहत 11.20 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के 11.80 करोड़ बच्चों के अलावा प्राथमिक विद्यालयों में भी प्री-स्कूल या बाल वाटिका (एक कक्षा से पहले) के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना लिंग और सामाजिक वर्ग के भेदभाव के बिना सभी पात्र बच्चों को कवर करती है।

Fact Check

दावा

Aadhaar mandatory to avail PM Poshan

नतीजा

Aadhaar mandatory to avail PM Poshan

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