Fact check: क्या दिल्ली मेट्रो में सीट के लिए तरसी ये महिला, जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई
नई दिल्ली, 20 नवंबर। सोशल मीडिया इन दिनों दुष्प्रचार या फिर अफवाहों का अड्डा बनता जा रहा है। यहां पर किसी भी फोटो या वीडियो को कुछ भी रंग-रूप देकर शेयर किया जाता है और लोग भी कभी-कभी उसपर आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं, लेकिन ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और सही गलत की जानकारी रखें। ऐसे ही एक वीडियो की पड़ताल कर उसकी सच्चाई का पता लगाया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर 22 सेकेंड का एक वीडियो कई दिनों से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा था कि दिल्ली मेट्रो में एक महिला अपने नवजात बच्चे को गोद में लेकर फर्श पर बैठी है, लेकिन कोई उसे सीट ऑफर नहीं कर रहा है।

वीडियो को लेकर किया जा रहा है ये दावा
पिछले 3-4 दिनों के अंदर ये वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला के पीछे तीन लड़कियां बैठी हैं, जिनको लेकर कहा जा रहा है कि पढ़े-लिखे होने का क्या फायदा, जब इंसानियत ही मर जाए। ये तीनों लड़कियां अपने-अपने फोन में लगी हुई हैं। दावा है कि वायरल वीडियो दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन का है।

क्या है वीडियो की सच्चाई?
वीडियो को देखकर एक बात तो साफ है कि ये वीडियो है इंडिया का और वो भी मेट्रो का, लेकिन क्या ये वीडियो दिल्ली मेट्रो का है? ये सवाल है। इसकी जब पड़ताल की गई तो पता चला कि ये वीडियो दिल्ली मेट्रो का नहीं बल्कि हैदराबाद मेट्रो का है। ये वीडियो यूट्यूब पर 26 अक्टूबर को अपलोड किया गया था।

कैसे पता चला ये वीडियो दिल्ली मेट्रो का नहीं?
दरअसल, वीडियो में देखा जा सकता है कि जो महिला बैठी है उसने अपना मुंह कपड़े से ढका है यानि कि ये वीडियो कोरोना महामारी का ही है। कोरोना महामारी में दिल्ली मेट्रो में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत खड़े होने के लिए स्टीकर लगाए गए थे, लेकिन इस वीडियो में वो स्टीकर नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा सीट के बाएं और दाएं तरफ लगे शीशे पर नीले रंग से डिजाइन बना है, जबकि DMRC के तहत चलने वाली मेट्रो में ऐसा डिजाइन नहीं होता है।
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Fact Check
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