चुनावी हथकंडों के बीच फंसा लोकतंत्र, नेताओं ने लगाई मदद की गुहार
नई दिल्लीः सत्ता पाने के लालच में नेतागण भी कुछ भी करने को तैयार रहते हैं और जनता के बीच चिल्ला-चिल्ला कर कहते हैं कि लोकतंत्र को बचाने के लिए वो ऐसा कर रहे हैं, जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर रहती है, हकीकत में नेताओं की चालबाजी और हथकंडो के ही कारण लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है, इसी पर आधारित है आज का कार्टून-













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