नहीं हो रहा है विवाह तो करे ये उपाय
नई दिल्ली। मनु स्मृति में लिखा है कि अकेला मनुष्य अधूरा माना जाता है, विवाह होने के बाद ही मनुष्य को सम्पूर्ण माना जाता है। बच्चों के युवा अवस्था में प्रवेश करते ही माता-पिता के मस्तक पर चिंता की लकीरें साफ़ झलकने लगती है। उनके दिमाग़ में एक ही बात कौंधती रहती है कैसे अपनो बच्चों के लिए एक बेहतर जीवन साथी खोजें ? विवाह में हो रही है देरी या फिर आ रही अड़चने तो राशि के अनुसार करें उपाय ?

इस मन्त्र के जाप से शीघ्र होगा विवाह
मेष- इस राशि वालों का सप्तमेश शुक्र है। अतः शुक्र के पीड़ित होने पर विवाह में बाधायें आती है। दुर्गा जी की आराधना करने से विवाह में आ रही बाधायें समाप्त होगी और शीघ्र विवाह होगा।
वृष- आपका सप्तमेश मंगल पीड़ित होने पर विवाह में देरी उत्पन्न करेगा। मॉ कात्यानी का निम्न ‘‘कात्यानी महामाये महायोगगिनीधीश्वरी। नन्द-गोपसुतं देवि पतिं में कुरू ते नमः'' मन्त्र की कम से कम 1 माला नित्य जाप करें।
मिथुन-सप्तमेश गुरू की अशुभता के कारण विवाह में विलम्ब व बाधायें आयेगी। ऊॅ देवेद्राणि नमस्तुभ्यं देवेन्द्रप्रियभामिनि। विवाहं भाग्यमारोग्यं शीघ्रंलाभं च देहि मे।। इस मन्त्र का नियमित जाप करने से शीघ्र विवाह होगा।

शनि की पीड़ा से होती है विवाह में देरी
कर्क-सप्तमेश शनि की अशुभता को दूर करने के लिए शनिवार का व्रत रखें एंव सोमवार के दिन दूध में काले मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ायें। प्रतिदिन ‘‘ऊॅ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरूपिणे नमः'' निम्न मन्त्र का जाप करें।
सिंह-इस राशि वालों का सप्तमेश शनि है। शनि के पीड़ित होने पर विवाह में विलम्ब होता है। निम्न मन्त्र ऐं श्रीं क्लीं नमस्ते महामाये महायोगिन्धीश्वरी। सामान्जस्यं सर्वतोपाहि सर्व मंगल कारिणीम्।। का जाप करने से बाधायें समाप्त होगी।
कन्या-आपका सप्तमेश गुरू है। जब यह पीड़ित होकर अशुभ फल देने लगता है तभी विवाह में देरी होती है। गणेश स्त्रोत का पाठ करने से आ रही बाधायें समाप्त हो जाती है।

मंगलवार को व्रत रखने से होगा लाभ
तुला-इस राशि वालों की कुण्डली में मंगल पीड़ित होकर विवाह में बाधायें उत्पन्न करता है। मंगलवार को व्रत रखें एंव सुन्दर काण्ड का पाठ करने से लाभ मिलता है।
वृश्चिक-सप्तमेश शुक्र के अशुभ फल देने से शादी होने में दिक्कतें आती है। निम्न मन्त्र ‘‘ ऊॅ विजया सुन्दरी क्लीं'' की 108 माला हर शुक्रवार को जाप करने से शीघ्र विवाह होता है।
धनु-इस राशि वालों की कुण्डली में बुध पीड़ित होने से दिक्कतें उत्पन्न करता है। हे माते त्वं शक्तिस्त्वं स्वाहा त्वं सावित्री। पति देहि गृहं देहि सुतान देहि नमो स्तुते।। इस मन्त्र की प्रतिदिन की एक माला जाप करने से विवाह में आ रही अड़चने समाप्त होती है।

शिव जी का अभिषेक करें तो होगा फायदा
मकर-सप्तमेश चन्द्रमा पीड़ित होकर जब अशुभ फल प्रदान करता है तभी शादी में विलम्ब होता है। सोमवार का व्रत रखें एंव दूध, दही, घी व शहद मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
कुम्भ-आपकी कुण्डली में सप्तमेश सूर्य है। इसके पीड़ित होने पर विवाह होने में बाधायें आती है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करें एंव प्रातः काल नियमित रूप से सूर्य को जल दें।
मीन-इस राशि में बुध के पीड़ित होने पर शादी में विलम्ब व बाधायें आती है। निम्न मन्त्र ‘‘फलै मन्मथाय महाविष्णु स्वरूपाय, महाविष्णु पुत्राय, महापुरूषाय। पति/पत्नी सुखं मोहे शीघ्रं हि।। की 11 माला प्रत्येक बुधवार को करने से शीघ्र विवाह होता है। यह उपाय 11 बुधवार तक करना होगा।












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