Sun Transit in Aquarius : सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश, जानिए क्या होगा आपकी राशि का हाल
नई दिल्ली, 13 फरवरी। ग्रहों का राजा सूर्य आज कुंभ राशि में प्रवेश कर गया है। सूर्य 14 मार्च तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद मीन राशि में प्रवेश कर जाएगा। अर्थात् 14 मार्च से मीन मलसास प्रारंभ हो जाएगा। सूर्य का कुंभ राशि में जाना कुछ जातकों के लिए शुभ तो किसी के लिए परेशानी बढ़ाने वाला रहेगा।

मेष : मेष राशि के लिए सूर्य एकादश स्थान में गोचर करेगा। आय स्थान में सूर्य का गोचर आजीविका के साधनों पर प्रभाव डालेगा। इस समय आय में कमी अनुभव कर सकते हैं। आर्थिक परेशानी के कारण कुछ काम अटक भी सकते हैं। इस समय बचत के पैसों से कुछ पुराना कर्ज चुकाना पड़ सकता है। इस दौरान आपके स्वभाव में कठोरता आ सकती है। सरकारी सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के कार्य में बदलाव होगा। व्यापारियों को कार्य में शिथिलता अनुभव होगी।
वृषभ : वृषभ राशि के लिए सूर्य दशम भाव में गोचर करेगा। यहां सूर्य का आना नौकरीपेशा लोगों को लाभ देगा। उन्नति मिलेगी। व्यापारियों के लिए समय लाभदायक रहेगा। नए कार्यो के अवसर आएंगे। करियर में बना हुआ उतार-चढ़ाव काफी हद तक थम जाएगा। इस दौरान आपको वाहन आदि का प्रयोग करते समय सावधानी रखनी होगी। कुछ कार्यो में मानसिक पीड़ा हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। पिता के सहयोग से भूमि, संपत्ति खरीद सकते हैं।
मिथुन : मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर नवम स्थान में होगा। यह आपके भाग्य को मजबूती देगा। अब तक जो काम आपके अटके हुए थे उनमें तेजी आएगी। नौकरीपेशा लोगों को उन्नति मिलेगी। सामाजिक, पारिवारिक जीवन में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पारिवारिक, दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। अविवाहितों के विवाह की बात बन सकती है। नेत्र और मस्तिष्क रोगों से पीड़ित लोगों को बीमारी से मुक्ति मिलेगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा।
कर्क : इस राशि के लिए सूर्य का गोचर अष्टम भाव में होगा। अष्टम सूर्य उत्तम नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। मानसिक स्थिति बिगड़ सकती है। परिवार में आपके किसी कार्य का भारी विरोध होगा। इस दौरान आपको पेट और नेत्र रोग आ सकते हैं। दांपत्य जीवन में संघर्ष बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को भागदौड़ अधिक रहेगी। व्यापारियों के कार्य शिथिल पड़ेंगे। इस समय कोई नया कार्य प्रारंभ न करें तो ही बेहतर रहेगा।
सिंह : सिंह राशि के लिए सूर्य का गोचर सप्तम भाव में होगा। यहां सूर्य का आना और उसकी सीधी दृष्टि लग्न भाव पर होने से मानसिक और शारीरिक पीड़ा बढ़ सकती है। हालांकि इस दौरान आपसी संबंधों में चल रहा टकराव कम होगा। जीवनसाथी के बीच प्रेम बढ़ेगा। अटके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। किस्मत का साथ मिलेगा। व्यापारी वर्ग साझेदारी से कोई काम करेंगे तो उसमें लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगबों को उच्चाधिकारियों के सहयोग से उन्नति प्राप्त होगी।
कन्या : कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होगा। यह रोग और शत्रु का भाव है। यहां सूर्य के आने से रोगों से मुक्ति मिलेगी। शत्रु परास्त होंगे। आपके आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों के कार्य परिवर्तन और स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे। व्यापारी वर्ग नया कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। दांपत्य जीवन मधुर होगा। शेयर, कमोडिटी, बीमा आदि में पैसा निवेश करने से लाभ प्राप्त होगा। नए मित्रों से संबंध बन सकते हैं।
तुला : आपकी राशि के लिए सूर्य पंचम स्थान में गोचर करेगा। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के विशेष अवसर प्राप्त होंगे। यह गोचर संतानपक्ष के लिए उत्तम साबित होने वाला है। दांपत्य जीवन में बना हुआ मनमुटाव दूर होगा। अविवाहितों के विवाह में आ रही बाधा दूर होगी। कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशिष्ट सम्मान प्राप्त हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को उन्नति मिलेगी। इस दौरान आर्थिक निवेश करने के उत्तम अवसर आएंगे।
वृश्चिक : वृश्चिक राशि के जातकों के चतुर्थ स्थान सुख भाव में सूर्य का गोचर होगा। आपको आर्थिक रूप से समृद्धता प्राप्त होगी। आय के नए साधन मिलेंगे। मातृपक्ष की ओर से विशेष उपलब्धि और सहयोग प्राप्त हो सकता है। इस गोचर में आप मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूती रहेंगे। कोई कड़ा निर्णय भी इस समय में लेना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में प्रमोशन, व्यापारियों को लाभ होगा।
धनु : सूर्य का गोचर तीसरे भाव में होना धनु राशि के लिए शुभ रहेगा। अटके हुए कार्य पूर्णता की ओर बढ़ेंगे। विशेषकर भाई-बहनों के सहयोग से आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सफलता मिलेगी। भूमि, भवन संपत्ति खरीदने के योग हैं। पैतृक संपत्ति के बंटवारे का निपटारा होगा। इस दौरान आपको शारीरिक रूप से थोड़ी कमजोरी अनुभव हो सकती है। स्वास्थ्य में गिरावट आएगी। नेत्र और मस्तिष्क संबंधी पीड़ा हो सकती है। अपचन, बदहजमी परेशान करेगी।
मकर : मकर राशि के लिए सूर्य का गोचर द्वितीय स्थान धन भाव में होगा। यह गोचर आपके लिए अत्यंत शुभ रहने वाला है। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी। धन संबंधी समस्त जरूरतें पूरी होंगी। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। सत्कर्मो में वृद्धि होगी और अपने उच्चकोटि के चरित्र और उत्तम व्यवहार से लोगों को अपने वश में कर लेंगे। पारिवारिक जीवन में सभी का सहयोग प्राप्त होगा। रोग मुक्ति का समय है। संपत्ति खरीदने का योग है।
कुंभ : इसी राशि में प्रथम स्थान में सूर्य का गोचर होना स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम रहेगा। लंबे समय से किसी रोग को लेकर परेशान हैं तो वह दूर हो जाएगा। आप माता-पिता के सहयोग से अपने जीवन के बारे में कोई बड़ा निर्णय ले पाएंगे। नौकरी में उन्नति प्राप्त होगी। नया व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। आय के साधनों में बढ़ोतरी होगी। पारिवारिक और सामाजिक जीवन में प्रतिष्ठा, सम्मान प्राप्त होगा। नए लोगों से भेंट होगी। प्रेम संबंध प्राप्त होंगे।
मीन : मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर द्वादश स्थान में होगा। यहां सूर्य का आना मिलाजुला फल देगा। एक ओर जहां आपके खर्च में वृद्धि होगी, वहीं आय के नए-नए साधन भी प्राप्त होंगे। सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे मुकदमे में जीत आपकी होगी। नौकरीपेशा को उन्नति मिलेगी। नया कारोबार प्रारंभ करना चाहते हैं तो यह गोचर उत्तम है। किसी के सहयोग से साझेदारी से कार्य प्रारंभ करें लाभ होगा।
क्या उपाय करें
शनि की राशि कुंभ में सूर्य के गोचर के दौरान मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, करियर में कई बार अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इनसे बचने के लिए आदित्यहृदय स्तोत्र का नियमित रूप से पाठ करना प्रारंभ करें। इससे न केवल सर्वत्र रक्षा होती है, वरन कार्यो को गति भी मिलती है। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। सूर्य की मजबूती से अन्य ग्रहों की कमजोरी और पीड़ा दूर होती है। सूर्य को नियमित रूप से अर्घ्य दें। गायत्री मंत्र की एक माला नित्य जाप करें। पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करें। तांबे से बना सूर्य पेंडेंट गले में धारण करें।











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