अंगुली देखकर जानें आपका गुरु कमजोर है या मजबूत
नई दिल्ली। नवग्रहों में बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा गया है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरु का बड़ा महत्व होता है। जन्मकुंडली में गुरु (बृहस्पति) यदि बलवान है तो व्यक्ति ज्ञान, सत्कर्म, ईमानदारी, विद्या, बुद्धि, प्रसिद्धि और संपदा के मामले में श्रेष्ठ होता है, लेकिन यदि गुरु कमजोर हो तो व्यक्ति का जीवन संकटपूर्ण रहता है। वैवाहिक सुख के लिए भी गुरु का मजबूत होना आवश्यक है। लेकिन कई लोगों की जन्मकुंडली नहीं होती है। क्योंकि या तो उन्हें अपनी सही जन्म तारीख याद होती है ना जन्म का सही समय।
इसके अभाव में उनकी कुंडली नहीं बन पाती और वे अपना सही भविष्य नहीं जान पाते। ऐसे में क्या किया जाए?

तर्जनी अंगुली और गुरु पर्वत का अध्ययन
ऐसे में व्यक्ति का हाथ उसका साथ दे सकता है। जी हां, हस्तरेखा शास्त्र के जरिए भी सभी ग्रहों की स्थितियों का सटीक आकलन किया जा सकता है। हस्तरेखा में तर्जनी अंगुली बृहस्पति की अंगुली कहलाती है और उसके नीचे बृहस्पति पर्वत होता है। इस पर्वत की स्थिति देखकर पता कर सकते हैं कि उस व्यक्ति का बृहस्पति कमजोर है या मजबूत। इसके लिए ध्यान से तर्जनी अंगुली और गुरु पर्वत का अध्ययन करने की जरूरत होती है।
कमजोर बृहस्पति
हस्तरेखा शास्त्र में बृहस्पति के कमजोर या मजबूत होने को उसके पर्वत से देखा जाता है। यदि बृहस्पति पर्वत दबा हुआ, रूखा हो तो व्यक्ति का गुरु कमजोर होता है।
यदि बृहस्पति पर्वत पर कई लाइनें एक-दूसरे को काटते हुए जाल बनाती है तो व्यक्ति को बृहस्पति की नकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
यदि तर्जनी अंगुली मध्यमा अंगुली की तरफ अत्यधिक मुड़ी हुई या झुकती हो तो बृहस्पति कमजोर होता है।

यदि बृहस्पति पर्वत उभरा हुआ हो तो....
- यदि बृहस्पति पर्वत उभरा हुआ, लालिमा लिए हुए, चिकना, चमकदार हो तो तो व्यक्ति का गुरु मजबूत होता है।
- यदि तर्जनी अंगुली एकदम सीधी हो और इसका झुकाव किसी भी ओर ना हो तो बृहस्पति अत्यंत मजबूत होता है।
- यदि तर्जनी अंगुली बाहर की ओर झुकी हुई हो तो व्यक्ति असंभव कार्य भी आसानी से कर सकता है।
कमजोर बृहस्पति के लक्षण
- बुद्धि और ज्ञान की कमी
- लिवर और पेट संबंधी रोग होना
- शादी में देरी
- रूखी-सूखी त्वचा
- व्यक्ति का बार-बार बीमार होना
- वैवाहिक जीवन में परेशानी, कमजोर पारिवारिक जीवन
- बहुत ज्यादा गुस्सा और घमंड
- जीवन में स्थायित्व का अभाव
- अनैतिक संबंध, विवाहेत्तर संबंध
- कोई भी नया कार्य प्रारंभ करने में हिचकिचाना

मजबूती के लिए क्या उपाय करें
- गुरुवार का व्रत रखना प्रारंभ करें
- गुरुवार को गन्ने का रस पीएं
- स्वर्ण में पीला पुखराज धारण करें
- लगातार आठ दिनों तक किसी मंदिर में हल्दी का दान करें
- अंधे और निशक्त लोगों की सेवा करें
- शिवलिंग पर मक्खन अर्पित करना
- गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना
- अपने साथ हमेशा पीला रंग का रूमाल रखना
- अपने गुरु, गाय और परिजनों की सेवा करना
- गुरुवार के दिन गाय को गुड़ और चना दान खिलाएं
- जमीन के अंदर उगने वाले फल और सब्जियों का दान करें
- हमेशा मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं












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