शिव और रवियोग में होगा नवरात्रि का समापन
नई दिल्ली, 02 जुलाई। आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि का समापन शिव और रवियोग के मंगलकारी योग में होगा। आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि 30 जून से प्रारंभ हुई है और इसकी पूर्णाहुति 8 जुलाई 2022 शुक्रवार को होगी। इस दिन देवी मंदिरों में विशेष पूजन, अनुष्ठान, हवन होंगे और कन्याओं का पूजन कर भोजन करवाया जाएगा। इस दिन शिव और रवियोग का विशेष संयोग होने से विशेष कामनाओं की पूर्ति के लिए यह दिन सर्वोत्तम है। 8 जुलाई को चित्रा नक्षत्र दोपहर 12.13 बजे तक और शिव योग प्रात: 9 बजे तक रहेगा। दोपहर 12.14 बजे से रवियोग का शुभ संयोग भी रहेगा।

क्या करें नवमी के दिन
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन गुप्त नवरात्रि का समापन होता है। इस दिन वे लोग जो गुप्त साधनाओं में रत रहे वे अपने व्रत, साधना, अनुष्ठान के पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए देवी हवन करते हैं। देवी मंदिरों में तो विशेष अनुष्ठान, हवन, भंडारे आदि होंगे ही घरों में भी पूजन-हवन होगा।
- नवमी के दिन दुर्गा सप्तशती के संपुट मंत्रों से हवन करने से सुख-सौभाग्य, समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- इस दिन दुर्गासप्तशती का पाठ करें और 9 कन्याओं का पूजन करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।
- दुर्गा मंदिर में सुहाग की सामग्री, मीठा पान, मिष्ठान्न भेंट करने से कार्यो की बाधा समाप्त होती है।
- कार्यो में वृद्धि, उन्नति के लिए दुर्गा चालीसा के 21 पाठ करें, देवी को मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं, काम जल्दी होगा।
- नवग्रहों की शांति के लिए इस दिन नवग्रह शांति हवन करें। ग्रहों से संबंधित समिधाएं प्रयुक्त करें, लाभ होगा।
- इस दिन घर में दुर्गा यंत्र की स्थापना करने से शत्रुओं का नाश होता है।
- गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन प्रत्यंगिरा स्तोत्र का पाठ करने से शत्रुओं का नाश होता है। मुकदमे में जीत प्राप्त होती है।
- लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए नवमी के दिन घी और मखाने से हवन करें।












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