मेष राशि वाली महिलाएं किस राशि के पुरूष से विवाह करें?
लखनऊ। सोलह संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण विवाह संस्कार होता है। जिसमें दोनों पुरूष-स्त्री एक साथ रहकर जीवन की संघर्ष रूपी नैय्या पार लगाते है। हम सभी जानते है कि जॅहा एक साथ चार बर्तन रहते है, वहां आवाज आना स्वाभाविक है। किन्तु आज के भौतिकवादी युग में पति-पत्नी का आपसी सामंजस्य डांवाडोल है। अतः विवाह से पूर्व यह जानना अति आवश्यक है कि हम किस राशि के इन्सान से विवाह करें जिससे हमारा जीवन सुखमय बना रहें।
चलिए आज हम बात कर रहें है मेष राशि की महिलायें किस राशि के पुरूष से शादी करें...

दोनोें राशियों में तात्विक साम्यता
- मेष और मेष- मेष राशि की स्त्रियां थोड़ी अक्रामक और झगड़ालू होती है। दोनोें राशियों में तात्विक साम्यता होती है। ये दोनों आपस में शादी कर सकते है किन्तु पुरूष को उदारता लानी होगी। पुरूष घर की सारी जिम्मेदारियाॅ महिला को सौंपे तो रिश्ता मधुर चलेगा।
- मेष और वृष- वृष का स्वभाव सौम्य एंव शान्त है। मेष वाली स्त्रियाॅ थोड़ा अंहकारी स्वभाव की होती है। पुरूष को स्त्री की चापलूसी करके अपना काम निकलवाना होगा। दोनों में तात्विक विषमता है। जिस कारण दाम्प्तय जीवन समझौते के आधार ही चलेगा। ज्यादा समझौता पुरूष को ही करना पड़ेगा।
- मेष और मिथुन- इन दोनों राशियों में तात्विक साम्यता है। ये हर समस्या को मिलकर सुलझाने की कोशिश करेंगे। मिथुन का पुरूष मेष की स्त्री को सपने दिखायेगा किन्तु पूरा करने में हिलाहवाली दिखायेगा, जिस वजह से तीखी-मीठी नोंक-झोंक हो सकती है। इन दोनों का विवाह उत्तम रहेगा।
- मेष और कर्क- कर्क का शालीन स्वभाव मेष को रास नहीं आयेगा। जल तत्व होने के कारण कर्क का पुरूष सबकी मद्द करना चहेगा किन्तु मेष की महिला ऐसा करने पर नाराज होगी। कर्क को रात्रि में काम करना पसन्द होगा और मेष को रात्रि में सोना पसन्द होगा। कुल मिलाकर इन दोनों का आपस में विवाह करना ठीक नहीं है।
- मेष और सिंह- इन दोनों को जोड़ी आकर्षक एंव समझदार साबित होगी। सिंह का आकर्षक व्यक्तित्व और मेष की चालाक बुद्धि बेहतर परिणाम लाने में सक्ष्म होगी। सिंह का बेहतर नेतृत्व और मेष की कूटनीतिक चाले हर समस्यायें को सुलझाने में कामयाब होगी।
- मेष और कन्या- यदि मेष और कन्या का विवाह होता है तो बुद्धिमान व ईमानदार कन्या राशि पर मेष की स्त्री इसे अपने प्रभाव में रखेगी। कन्या का पुरूष मेष की स्त्री को गलतियों का अहसास करायेगा, जा उसेे रास नहीं आयेगा। इनमें तात्विक साम्यता भी नही है। इनका मिलन आदर्श विवाह की श्रेणी में नहीं आयेगा।
- मेष और तुला- तुला के पुरूष की खूबसूरती पर मेष की महिलायें मर मिटेंगी और अपने को समर्पित कर देंगी। लेकिन पुरूष की नीच संगति से मेष को काफी दिक्कत होगी। क्योंकि मेष क्षत्रिय राशि है और तुला शूद्र राशि है। दोनों एक-दूसरे पर जान छिड़केंगे किन्तु मेष से झूठ बोलना तुला को मॅहगा पड़ेगा।
- मेष और वृश्चिक- इन दोनों राशियों में घोर तात्विक विषमतायें दिख रही है। दोनों की सोंच में जमीन आसमान का अन्तर रहेगा। मेष का एटीटयूट वृश्चिक को खलेगा। वृश्चिक की कंजूसी मेष को क्रोधित करेगी। इन दोनों में पट सकती है किन्तु उसके लिए एक-दूसरे को ठीक समझना होगा। इनका विवाह सामान्य कहा जायेगा।
- मेष और धनु- धनु की धुन और मेष की उर्जा यदि मिल जाये तो सफलता के शिखर तक पहुॅच सकते है। धनु पूरी लगन व मेहनत से कार्य करने में विश्वास रखता है। मेष के पास उर्जा तो बहुत है परन्तु वह सही कार्य में इस्तेमाल नहीं करती है। इन दोनों का मिलन एक आदर्श जोड़ी के रूप में चर्चित हो सकता है।
- मेष और मकर- मेष की पैनी नजरों से मकर की मक्कारी बच नहीं पायेगी। यदि मकर अपनी मक्कारी कम कर देगा तो ठीक है वरना मेष की स्त्री स्वंय ठीक कर देगी। तात्विक साम्यता है किन्तु नैसर्गिक शत्रुता है, इसलिए मेल भी खायेगा और झगड़ा भी होगा। इनका वैवाहिक जीवन सामान्य कहा जायेगा।
- मेष और कुम्भ- मेष की गम्भीरता और कुम्भ की शालीनता व परिश्रमी स्वभाव बेहतर परिणामदायक साबित हो सकता है। इन दोनों में सबसे ऋणात्मक बात है, अहम का टकराव। अगर इससे बचा जाये तो बेहतर होगा। कुम्भ का मिलनसार व्यक्तित्व सबको भायेगा लेकिन मेष का रूखा स्वभाव लोग पसन्द नहीं करेंगे। इनका वैवाहिक जीवन औसत रहेगा।
- मेष और मीन- मेष का तानाशाही नेचर और मीन का चंचल स्वभाव टकराव का कारण बन सकता है। मेष की स्त्री मीन के पुरूष को सुधारने का प्रयास करेगी लेकिन पुरूष अपनी हरकतों से बाज नहीं आयेगा। मीन का पुरूष मेष की महिला को प्रेम तो बहुत करेगा किन्तु सही बात नहीं बतायेगा। इन दोनों का विवाह सफल तभी हो सकता है, जब दोनों आपस में कुछ छिपायें नही।

मेष को काफी दिक्कत हो सकती है...













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