Kundali: जानिए क्या आपके हाथ में है अरविंद योग?
नई दिल्ली, 14 अगस्त। हस्तरेखा शास्त्र में अनेक प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है। उनमें से एक प्रमुख योग है अरविंद योग। यह योग जिस व्यक्ति के हाथ में पाया जाता है वह व्यक्ति राजा के समान जीवन व्यतीत करता है। व्यक्ति मेहनती होता है और समाज में सम्मानित और प्रतिष्ठित व्यक्ति होता है। आइए जानते हैं यह योग बनता कैसे है और इसका क्या-क्या प्रभाव होता है।

कैसे बनता है अरविंद योग
- यदि हथेली में सभी पर्वत पुष्ट एवं उभरे हुए हों तथा जीवनरेखा के साथ में कोई सहायक रेखा साथ-साथ चल रही हो, गुरु पर्वत पर क्रॉस का चिह्न हो तथा स्वास्थ्य एवं भाग्य रेखा बलवान हो तो अरविंद योग बनता है।
- विद्वानों ने अन्य स्थितियां भी अरविंद योग के लिए उचित मानी हैं। जैसे यदि जीवनरेखा के बीच में से भाग्य रेखा प्रारंभ होकर शनि पर्वत की ओर जाती हो।
- यदि जीवनरेखा से दो शाखाएं निकलकर सूर्य पर्वत तथा बुध पर्वत की ओर जाती हों।
- यदि तर्जनी अंगुली मध्यमा की ओर झुकी हुई हो तथा हथेली में तर्जनी और अनामिता लंबाई में बराबर हों।
अरविंद योग का फल
- जिस जातक के हाथ में उपरोक्त चारों स्थितियों में से किसी भी एक स्थिति में अरविंद योग बनता हो तो वह राजा के समान जीवन व्यतीत करने वाला होता है।
- ऐश्वर्यशाली, भोग विलास से युक्त, उच्च घराने में जन्म लेने वाला तथा धनवान होता है।
- अरविंद योग वाले जातक के जीवन में स्त्री-पुरुष का अभाव नहीं होता।
- अनेक सेवक चाकरी के लिए उपलब्ध रहते हैं।
- ऐसा व्यक्ति देश के किसी बड़े पद पर विराजित होता है। बड़ा कारोबारी बनता है।
- वाहन सुख, भवन सुख, चल-अचल संपत्तियों का मालिक होता है।












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