विवाह में आ रही बाधा, कार्तिक में करें ये उपाय
नई दिल्ली। विवाह जीवन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य माना गया है। समय पर विवाह हो जाना न केवल युवक, युवती के लिए आवश्यक है बल्कि माता-पिता की भी सबसे बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन है। लेकिन कई बार हम देखते हैं कि सब कुछ ठीक होने के बावजूद युवक या युवती का समय पर विवाह नहीं हो पाता। कई बार बात जम जाने के बाद भी पक्की नहीं हो पाती। इसके पीछे कहीं न कहीं ग्रह दोष कारण हो सकता है। जिस युवक या युवती के विवाह में रूकावट आ रही है यदि उनकी जन्म कुंडली का सही अध्ययन कर लिया जाए तो सही कारण तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन कई लोगों की कुंडली सहना गणना के आधार पर नहीं बनी होती है। इसलिए सही उपाय भी नहीं मिल पाता है। यदि ऐसा है तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं, वर्ष का सर्वश्रेष्ठ माह कार्तिक प्रारंभ हो चुका है। इस माह में किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ की जाए तो वो कई गुना तेजी से और अधिक फलदायी होती है।

शास्त्रों में कार्तिक माह को सर्वश्रेष्ठ माह बताया गया है। यह माह भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उत्तम होता है। सौंदर्य और धन की देवी महालक्ष्मी और उनके प्रिय पति विष्णु इस माह में सभी प्रकार के मनोरथ पूरे करते हैं। जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो उनके लिए कुछ उपाय हैं, जिन्हें करके वे समस्त रूकावटें खत्म कर सकते हैं।
- विष्णु-लक्ष्मी पूजन: जो युवक या युवती शीघ्र विवाह करना चाहते हैं वे कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी से प्रारंभ करके एकादशी तक लगातार सात दिन प्रातः उस समय उठें अह आकाश में तारें हों। तारे की छाया में स्नान करें। एक पाटे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। विधि-विधान से पूजन कर पीले रंग के पुष्प अर्पित करें। इसे बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। ऐसा लगातार सात दिन करें, जल्द ही विवाह की बात बन जाएगी।
- कार्तिक माह की दोनों एकादशी के दिन पूर्ण व्रत रखें। केवल फल खा सकते हैं। इसके बाद शाम के समय तुलसी की पूजा कर उसके समीप दीपक लगाएं और शीघ्र विवाह की कामना करें।
- मंगल दोष के कारण जिन युवक-युवती के विवाह में बाधा आ रही हो, वे कार्तिक माह में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार के दिन काले पत्थर के शिवलिंग पर गंगाजल में कच्चा दूध, मिश्री और गुलाब का फूल डालकर अर्पित करें।
- जन्म कुंडली में पितृ दोष या ग्रहण दोष के कारण भी विवाह में विलंब होता है। यदि आपकी कुंडली में इस प्रकार का कोई दोष है तो कार्तिक माह में हर दिन शाम के समय किसी नदी या तालाब में पीपल के पत्तों पर बत्ती रखकर दीप दान करें।
- कार्तिक माह में देवी त्रिपुरसुंदरी का ध्यान, पूजन, जप करने से न केवल विवाह की रूकावटें खत्म होती हैं, बल्कि दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां भी समाप्त हो जाती हैं।
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