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Palmistry: क्या होता है यदि हाथ में बना हो शंख का चिन्ह?

नई दिल्ली। शंख को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। यह भगवान विष्णु को प्रिय है और उनके हाथ में सुशोभित रहता है। हस्तरेखा विज्ञान में भी शंख को अनेक चिन्हों में सबसे महत्वपूर्ण और शुभ चिन्ह माना गया है। यह जिसके भी हाथ में होता है वह अत्यंत भाग्यशाली होता है। शंख का चिन्ह हथेली में किसी भी स्थान पर हो सकता है। सभी जगह इसका महत्व, प्रभाव और फल अलग-अलग होता है। आइए जानते हैं हथेली में शंख का चिन्ह होने का क्या अर्थ होता है।

 शंख सबसे ज्यादा शुभ माना गया है

शंख सबसे ज्यादा शुभ माना गया है

  • हथेली के ठीक बीचों बीच में शंख सबसे ज्यादा शुभ माना गया है। जिस व्यक्ति की हथेली में ऐसा शंख होता है वह अत्यंत भाग्यशाली होता है। पूरे जीवन ऐसा व्यक्ति ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत करता है। समस्त सुख-वैभव ऐसे व्यक्ति के पास होते हैं।
  • हथेली में तर्जनी अंगुली के मूल में गुरु पर्वत होता है। यदि इस स्थान पर शंख का चिन्ह बना हुआ है तो व्यक्ति समाज और देश का प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्ति होता है। इसके अधीन सैकड़ों हजारों लोग काम करते हैं और इनका अनुसरण करते हैं।
  • हथेली में मध्यमा अंगुली के मूल में शनि पर्वत होता है। यदि इस पर शंख का चिन्ह बना हुआ है तो व्यक्ति प्रकांड विद्वान, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र और वेदों का ज्ञाता होता है। ऐसा व्यक्ति अपने कार्यों के दम पर देश का प्रतिष्ठित व्यक्ति बनता है। गुप्त विद्याओं में इनकी खास रुचि होती है। तेल और लौह कारोबार में ऐसे व्यक्ति का कोई हाथ नहीं पकड़ सकता।

भगवान विष्णु को प्रिय है शंख

भगवान विष्णु को प्रिय है शंख

  • हथेली में अनामिका अंगुली के मूल में सूर्य पर्वत होता है। यदि इस पर शंख है तो व्यक्ति प्रशासनिक सेवाओं में उच्च पद हासिल करता है। देश का मंत्री बनता है। धन-संपत्ति की इसके पास कोई कमी नहीं रहती है।
  • हथेली में कनिष्ठिका अंगुली के मूल में बुध पर्वत होता है। यदि इस पर शंख हो तो व्यक्ति देश-विदेश से व्यापार करके खूब धन अर्जित करता है।
  • अंगूठे के मूल में शुक्र पर्वत होता है और इस पर शंख का होना इस बात का सूचक है कि व्यक्ति को समस्त भौतिक सुख-सुविधाएं, भोग, ऐश्वर्य, स्त्री सुख आदि प्राप्त रहेगा।
  • चंद्र पर्वत पर शंख का चिन्ह होने से व्यक्ति दूरस्थ देशों और समुद्र पारीय देशों से व्यापार करके धन अर्जित करता है।
ऐसा शंख न हो

ऐसा शंख न हो

  • शंख का चिन्ह होने की शर्त यह है कि यह पूर्ण रूप से स्पष्ट बना हुआ होना चाहिए। यदि शंख का चिन्ह कहीं से टूटा हुआ हो तो यह शुभ नहीं होता है। ऐसा शंख अपना पूर्ण शुभ प्रभाव नहीं दिखाता।
  • शंख के चिन्ह के भीतर यदि क्रॉस का चिन्ह हो तो भी इसका फल उल्टा समझना चाहिए। यह अशुभ संकेत है।

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