Guru Gochar 2025 : साल 2025 में बृहस्पति बदलेंगे राशि, इन 4 राशियों का बढ़ेगा कष्ट
Guru Gochar 2025 (गुरु गोचर): सबसे शुभ ग्रहों में से एक बृहस्पति साल 2025 में अपनी राशि बदलने जा रहा है। बृहस्पति वैवाहिक कार्यों का कारक, मान-सम्मान, संयम, आध्यात्मिकता, वैचारिक कार्य, धन-संपदा, माता-पिता और स्वजनों का साथ आदि का ग्रह होता है।
इसलिए व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति का शुभ स्थानों में होना अत्यंत आवश्यक होता है। वर्ष 2024 में बृहस्पति ने वृषभ राशि में भ्रमण किया और यह 14 मई 2025 तक वृषभ राशि में ही रहेगा।

14 मई 2025 के यह वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएगा। बृहस्पति के मिथुन राशि में गोचर करने का राशियों पर भिन्न-भिन्न प्रभाव पड़ेगा। मेष, मिथुन, कर्क और मकर राशि वालों के लिए ये थोड़ा कष्ट पैदा करेगा, इसलिए इन लोगों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है।
बृहस्पति का मिथुन में गोचर राशियों पर कैसा रहेगा (Guru Gochar 2025 Effects)
- मेष : घर-परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। संतान को कष्ट हो सकता है। यात्रा में बाधा, मित्रों से मतभेद रहेगा।
- वृषभ : धनलाभ, सम्मान में वृद्धि, सुख-शांति, शिक्षा में सफलता, श्रेष्ठता, पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सकती है।
- मिथुन : कार्य-व्यवसाय में बाधा, यात्रा में कष्ट, आर्थिक तंगी, मन में चिंता, शारीरिक रोग परेशान कर सकते हैं।
- कर्क : अपव्यय, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट, स्वजन से विरोध, यात्रा में कष्ट, आर्थिक समस्या आ सकती है।
- सिंह : पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, धन लाभ, संतान सुख, कार्य-व्यवसाय में प्रगति होगी। धर्म अध्यात्म में रुचि होगी।
- कन्या : स्थान परिवर्तन, परिवार में क्लेश, अपव्यय, मान-सम्मान में कमी, मांगलिक कार्यों में बाधा आएगी।
- तुला : श्रेष्ठपद प्राप्ति, भाग्योदय, धनलाभ, पारिवारिक सौख्यता, धार्मिक कार्यों में रुचि, पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
- वृश्चिक : धन की हानि, भाग्य की प्रतिकूलता, शारीरिक कष्ट, कार्यों में बाधा और परेशानी बनी रह सकती है।
- धनु : व्यवसाय में सफलता, दांपत्य सुख, धन लाभ, यात्राएं, भागीदारी के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
- मकर : शारीरिक पीड़ा, शत्रु नाश, कर्ज मुक्ति, व्यय, संतान की चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से विवाद।
- कुंभ : संतान सुख, धन प्राप्ति, संपत्ति सुख, शिक्षा में सफलता, पारिवारिक सामंजस्य, मांगलिक कार्य होंगे।
- मीन : कार्यों में रुकावट, माता को कष्ट, अप्रिय प्रसंग, मित्रों से लाभ, प्रेम में प्रगाढ़ता, धन की प्राप्ति होगी।
गुरु की शांति के उपाय
- जिन जातकों की जन्म कुंडली में गुरु बलवान होगा तो गोचर में अशुभ होने पर भी मध्यम शुभफल कारक होता है।
- जिन राशि के जातकों को गुरु नेष्टप्रद हो वे गुरु की शांति के लिए बृहस्पति के स्तोत्र, कवच का पाठ करें। गुरु मंत्र ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: अथवा ऊं गुं गुरवे नम: के 19 हजार जाप स्वयं करें अथवा पंडित से कराएं।
- गुरुवार का व्रत रखें। पीले धान्य का भोजन एवं पीलेरंग के वस्त्र गुरुवार को धारण करें।
- श्रीहरि, पीपल, केले के वृक्ष, गुरु यंत्र का पूजन उपरोक्त मंत्रों से करें, हवन करें।
- तर्जनी अंगुली में गुरु के रत्न पुखराज अथवा उपरत्न सुनहला, लाजवर्त धारण करें।
- पीले कपड़े, पीला धान्य, पीतल अथवा कांसे का पात्र, हल्दी, सुवर्ण, खांड, पीले फल, धार्मिक ग्रंथों का दान करें।
वर्ष 2025 में गोचर
- मिथुन में- 14 मई 2025 बुधवार को रात्रि 11.20 बजे से
- कर्क में- 18 अक्टूबर 2025 शनिवार को रात्रि 9:39 बजे से
- मिथुन में- 5 दिसंबर 2025 शुक्रवार को दोपहर 3:38 बजे से
गुरु वक्री (Jupiter Retrograde)
- 4 फरवरी 2025 मंगलवार को दोपहर 3:39 से
- वक्री अवधि कुल 119 दिन
गुरु अस्त
- 13 जून 2025 शुक्रवार को सायं 7:46 से
- 9 जुलाई 2025 बुधवार को प्रात: 5:03 तक
- कुल अस्त अवधि 26 दिन












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