• search

Buddha Purnima 2018: बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये काम, हो जाएंगे मालामाल

By Pt. Gajendra Sharma
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। पूर्णिमा तिथि धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का दिन है। वैसे तो वर्ष की प्रत्येक पूर्णिमा अपने आप में खास होती है, लेकिन इनमें वैशाख पूर्णिमा का महत्व अधिक है, क्योंकि यह पूर्णिमा भगवान बुद्ध के अवतरण दिवस के रूप में जानी जाती है। भगवान बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार भी हैं। इस लिहाज से इस पूर्णिमा का महत्व बढ़ जाता है। इस बार बुद्ध पूर्णिमा 30 अप्रैल को आ रही है। इस दिन सिद्धि योग भी बन रहा है जिसमें किए गए शुभ कार्यों की पूर्ण सिद्धि प्राप्त होती है। इस दिन किए गए मंत्र भी तुरंत सिद्ध हो जाते हैं।

    मानसिक कष्टों से सहारा मिलता है

    मानसिक कष्टों से सहारा मिलता है

    पूर्णिमा के दिन चंद्र अपनी कलाओं से युक्त रहता है, इसलिए जिन लोगों को कोई मानसिक रोग है, मानसिक तनाव महसूस कर रहे हैं, वे इस दिन रात्रि में चांदी के बर्तन में साफ पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर रातभर चांद की चांदनी में रखें। फिर इस जल को चांदी के ही किसी बर्तन में भरकर रख लें। इस जल का थोड़ा-थोड़ा सेवन रोज करने से मानसिक रोग ठीक हो जाते हैं। इस जल में और जल मिलाते जाएं तो यह कभी समाप्त नहीं होगा। यह जल अनेक प्रकार के मानसिक रोगों में आराम देता है।

    पूर्णिमा के दिन मिश्री डालकर खीर बनाएं

    पूर्णिमा के दिन मिश्री डालकर खीर बनाएं

    • पूर्णिमा के दिन मिश्री डालकर खीर बनाएं और इसे 12 वर्ष तक की सात कन्याओं का पूजन कर उन्हें खिलाएं। इससे आर्थिक सम्पन्न्ता बनी रहती है। व्यापार में लाभ होता है, नौकरी में प्रमोशन मिलता है।
    • वैसे तो हमेशा ही घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण रखना चाहिए, लेकिन पूर्णिमा के दिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सूर्योदय से पूर्व उठकर घर में साफ-सफाई करें। स्वयं स्नान करने के बाद घर में गंगाजल और गौमूत्र का छिड़काव करें। घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, रोली या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं। कार्यस्थल पर भी गंगाजल का छिड़काव करें।
    पूजा के समय गाय के घी का दीपक जलाएं

    पूजा के समय गाय के घी का दीपक जलाएं

    • पूजा के समय गाय के घी का दीपक जलाएं। धूप लगाएं और कपूर जलाएं। परिवार सहित देवी लक्ष्मी-विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करें।
    • लक्ष्मी माता को मखाने की खीर, साबूदाने की खीर या किसी सफेद मिठाई का भोग लगाएं। पूजा के बाद यह प्रसाद बाटें। ध्यान रखें कि आज के दिन घर में कलह का माहौल बिल्कुल न बने।
    शाम के समय चंद्रमा को जल अर्पित करें

    शाम के समय चंद्रमा को जल अर्पित करें

    • सुबह या शाम को मंदिर जरूर जाएं। हनुमानजी के सामने चमेली के तेल और पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं। इस दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाने से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं।
    • शाम के समय चंद्रमा को जल अर्पित करें। धूप-दीप से उनका पूजन करें। भगवान की कृपा आप पर जरूर होगी।
    • पूर्णिमा की रात्रि में तुलसी की माला से ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का लगातार जाप करने से विष्णु-लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। धन संपत्ति की प्राप्ति होती है।

    यह भी पढ़ें:Buddha Purnima 2018: महत्व, तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Buddhists around the world are gearing up for Buddha Purnima 2018, or Vesak, which falls on 30th April this year. Here is Date, Significance, Food and Celebrations

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more