Buddh Asath: बुध हो रहा है अस्त, रहें संभलकर वरना होगा तगड़ा नुकसान, लगेगी करारी चपत
Buddh Asath: व्यापार व्यवसाय, कारोबार, शिक्षा आदि का प्रतिनिधि ग्रह बुध 18 मई 2025 को रात्रि 8 बजकर 5 मिनट पर पूर्व दिशा में अस्त हो रहा है। बुध के अस्त होने से कारोबारियों को विशेष सावधानी रखनी होगी।
बुध के अस्त होने का सीधा प्रभाव कारोबार पर पड़ता है, इसलिए जो काम जैसा चल रहा है उसे वैसे ही चलने दें, नया काम प्रारंभ करें तो उसमें सोच-समझकर ही आगे बढ़ें क्योंकि सफलता मिलने में संदेह हो सकता है। बुध 10 जून को सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर पश्चिम दिशा में उदय होगा, तब तक के समय में सावधानी रखना चाहिए।

बुध के अस्त होने का प्रभाव
बुध के अस्त होने पर सबसे बड़ा प्रभाव तो व्यापार पर ही होता है। चूंकि बुध बौद्धिक क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए बुध अस्त होने के कारण जातक की बुद्धि भ्रमित हो सकती है और वह हड़बड़ी में गलत निर्णय ले लेता है। चाहे वह कारोबार हो या अन्य कोई क्षेत्र उसके निर्णय गलत हो सकते हैं।
कारोबार में नए काम जोड़ने का प्रयास कम करें (Buddh Asath)
बुध अस्त के 23 दिनों के दौरान प्रयास करें कि कारोबार में नए काम जोड़ने का प्रयास कम करें, नए अनुबंध भी करें तो सोच-विचारकर ही करें। साझेदारी में कारोबार न करें तो बेहतर रहेगा। बुध अस्त के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में शिथिलता आती है। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। आपकी वाणी खराब हो सकती है। किसी को कुछ भी बोल देेने से विवाद पैदा हो सकता है।
मांगलिक कार्य न करें (Buddh Asath)
बुध अस्त होने के कारण सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण, भूमि पूजन, गृहारंभ आदि कार्य भी नहीं किए जाते हैं। इसलिए इस दौरान इन सभी कार्यों को न करें तो उचित रहेगा।
क्या करें बुध अस्त के दौरान (Buddh Asath)
बुध अस्त के दौरान भगवान विष्णु और श्री गणेशजी का नित्य पूजन करना चाहिए। गणेशजी के दर्शन कर उन्हें दूर्वा अर्पित करें। इस दौरान पेड़-पौधों की सेवा करें। नए पौधे लगाएं। खासकर तुलसी, पीपल, बेलपत्र के पेड़ पौधों में जल चढ़ाएं। बड़, पीपल, नीम की त्रिवेणी को हर दिन सींचने से बुध अच्छा होता है।












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