भृगुसंहिता और आपका भाग्याशाली वर्ष
कुण्डली के पहले भाव में जो संख्या लिखी होती है, उसे लग्न कहते है। जैसे-पहले भाव में 1 अंक है तो मेष लग्न होगा
लखनऊ। ज्योतिष के महानतम ग्रन्थ भृगु संहिता में लग्न के अनुसार फल बतलाया गया है। इसमें लग्न देखकर भाग्योदय के वर्ष के बारें में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसी के आधार पर आज हम आपको अपने लेख में जानकारी देने की कोशिश कर रहे कि आपका भाग्योदय किस वर्ष होगा।

कैसे जानें अपनी लग्न
कुण्डली के पहले भाव में जो संख्या लिखी होती है, उसे लग्न कहते है। जैसे-पहले भाव में 1 अंक है तो मेष लग्न होगा, 2 अंक है तो वृष लग्न हुई, 3 अंक है तो मिथुन लग्न। अंक 04 है तो कर्क लग्न, अंक 05 है तो सिंह लग्न है।
अंक 06 होने पर कन्या लग्न, 07 अंक होने पर तुला लग्न
अंक 06 होने पर कन्या लग्न, 07 अंक होने पर तुला लग्न। अंक 08 है तो वृश्चिक लग्न, अंक 09 है तो धनु लग्न। 10 अंक होने पर मकर लग्न, अंक 11 होने पर कुम्भ लग्न और पहले भाव में अंक 12 होने पर मीन लग्न होती है।
- मेष लग्न-जिन लोगों की कुण्डली मेष लग्न की है, उनके जीवन का 16वॉ वर्ष, 22वॉ वर्ष, 28वॉ वर्ष, 32वॉ वर्ष, व 36वॉ वर्ष शुभ होता है। इन वर्षो में आपका भाग्योदय हो सकता है।
- वृष लग्न-इस लग्न की कुण्डली वाले जातकों का भाग्योदय 25 वर्ष, 28वर्ष, 36वर्ष या 42वें वर्ष भाग्योदय होने के संकेत रहते है।
- मिथुन लग्न -ऐसे जातक जिनकी कुण्डली मिथुन लग्न की है। उन लोगों के जीवन में 22वॉ वर्ष, 32वॉ वर्ष, 36वॉ वर्ष, 42वॉ वर्ष सुख-सौभाग्यदायक रहता है।
- कर्क लग्न-इस लग्न की कुण्डली वाले जातकों को भाग्योदय 16 वर्ष की आयु, 22 वर्ष की आयु, 24 वर्ष की आयु, 25 वर्ष की आयु, 28 वर्ष की आयु या 32 वर्ष की आयु में होने के प्रबल आसार होते है।
- सिंह लग्न-जिन जातकों की कुण्डली सिंह लग्न की है। उनके जीवन में भाग्योदय 16वें वर्ष, 22वें वर्ष, 24वें वर्ष, 26वें वर्ष, 28वें व 32वें वर्ष की आयु में होने की सम्भावना रहती है।
- कन्या लग्न-ऐसे जातक जिनकी कुण्डली कन्या लग्न की है। उनका भाग्योदय 17वें वर्ष, 23वें वर्ष, 26वें वर्ष, 29वें वर्ष, 33वें वर्ष व 37वें वर्ष में हो सकता है।
- तुला लग्न-जिन जातकों की कुण्डली तुला लग्न की होती है, उनके जीवन में भाग्योदय 24वें वर्ष, 25वें वर्ष, 32वें वर्ष, 34वें वर्ष, व 37वें वर्ष, व 43वें वर्ष होने की उम्मीद रहती है।
- वृश्चिक लग्न-इस लग्न की कुण्डली वाले जातकों का भाग्योदय 20वें वर्ष, 26वें वर्ष, 29वें वर्ष, 36वें वर्ष, व 45वें वर्ष होता है। ये वर्ष आपके जीवन में खुशियॉ लेकर आ सकते है।
- धनु लग्न-जिन लोगों की कुण्डली धनु लग्न की होती है। उनकी लाइफ में 16वॉ वर्ष, 22वॉ वर्ष, 32वॉ वर्ष, 37वॉ वर्ष, 48वॉ वर्ष व 56वॉ वर्ष शुभकारक होता है। इन वर्षो में आपका भाग्योदय होने के संकेत रहते है।
- मकर लग्न-इस लग्न की कुण्डली वालें जातकों का भाग्योदय 25वें वर्ष, 33वें वर्ष, 38वें वर्ष व 49वें वर्ष में होता है। इन वर्षो में आपके जीवन में कुछ विशेष उपलब्धियॉ मिलने की सम्भावना रहती है।
- कुम्भ लग्न-ऐसे जातक जिनकी कुण्डली कुम्भ लग्न की है, उनके जीवन का 22वॉ वर्ष, 26वॉ वर्ष, 28वॉ वर्ष, 37वॉ वर्ष, 42 वॉ वर्ष खास महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इनमें से किसी भी वर्ष में आपका भाग्योदय हो सकता है।
- मीन लग्न-इस लग्न की कुण्डली वालें व्यक्तियों का भाग्योदय 16वें वर्ष, 23वें वर्ष, 27वें वर्ष, 30वें वर्ष, 33वें वर्ष, 36वें वर्ष या 47वें वर्ष आपका भाग्योदय हो सकता है। इन वर्षो में से किसी भी वर्ष आपका भाग्योदय हो सकता है।
- नोट-कृपया ध्यान दें उपरोक्त लग्न के अनुसार बताये गये भाग्योदय के वर्ष सम्भावित है। इसकी सही गणना कुण्डली देखने पर ही की जा सकती है।












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