ज्योतिषियों की भविष्यवाणी: खतरे में केजरीवाल?
शालीनता, सादगी, साधारण वेश-भूषा, सह्रदयता का नाटक करके जनता को एक स्वस्थ्य लोकतन्त्र का ख्वाब दिखाने वाला एक आम आदमी कोई और नहीं वो है दिल्ली के पूर्व सीएम अरविन्द केजरीवाल जी। राजनीति की शुरूआत राज शब्द से होती है जिसका अर्थ होता है रहस्य यानी सब गोल-माल है भाई सब गोल-माल।

लोकतन्त्र में जनता कद्दू है और नेता चाकू। चाहे कद्दू पर चाकू मारो या फिर चाकू पर कद्दू बेचारा कटेगा कद्दू ही। खैर हम अपने टॉपिक पर आते है। नये वर्ष की शुरूआत हो गई और इसी वर्ष 2015 में दिल्ली विधान सभा के चुनाव भी होने है। अतः अरविन्द केजरीवाल की कुण्डली पर एक नजर डालते हुये देखते है कि आने वाला कैसा होगा ?
अरविन्द केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त सन् 1968 को रात्रि 11:46 मिनट हरियाणा राज्य के हिसार जिले में हुआ था। वर्तमान में आपकी कुण्डली में गुरू की महादशा में शुक्र का अन्तर चल रहा है। 02 जनवरी से 28 फरवरी 2015 तक शुक्र में केतु का प्रत्यन्तर चलेगा।
यह कार्यकाल आपके लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला साबित होगा। केतु पंचम भाव में बैठा है जिसकी दृष्टि दिल्ली की राशि मीन पर पड़ रही है। दिल्ली में कुछ ऐसे मुद्दे उठेंगे जिनका आप राजनैतिक दोहन करना चाहेंगे किन्तु आप उसमें आशिंक रूप से ही कामयाब होंगे।
इस दौरान आपका स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। पंचम भाव जनता व दिमाग का कारक होता जिस कारण इस समय केजरीवाल कुछ ऐसी रणनीतियां अपनायेंगे जो जनता को प्रभावित करेंगी। आपकी पार्टी का कोई मजबूत स्तम्भ पार्टी छोड़कर चला जायेगा जिससे केजरीवाल का आत्मबल कमजोर हो सकता है। 28 फरवरी तक यदि दिल्ली विधान सभा के चुनाव हो गये तो आम आदमी पार्टी के जनाधार में तो कमी आयेगी लेकिन इज्जत बची रहेगी।
28 फरवरी से गुरू में सूर्य की दशा प्रारम्भ हो रही है। सूर्य आपकी कुण्डली में अपनी मूलत्रिकोण राशि में होकर चैथे भाव में बुध, गुरू व शुक्र के साथ ग्रह युद्ध कर रहा है। ग्रह युद्ध की यह स्थिति इस बात की ओर इंगित कर रही है कि पार्टी अपने अन्दरूनी समस्याओं झूझती रहेगी। सूर्य की सप्तम दृष्टि राज्य के संकेतक भाव दशम पर पड़ रही है। सूर्य की यह दृष्टि सरकार के विपक्ष में बैठने की ओर इशारा कर रही है।












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