मकर संक्रांति पर किन राशियों का होगा भाग्योदय
पूरे भारत में विभिन्न रूपों में हर्षोल्लास से मनाये जाने वाली मकर संक्रान्ति स्नान-दान का पर्व है। वैसे तो प्रत्येक माह में संक्रान्ति होती है, किन्तु माघ माह की संक्रान्ति का विशेष महात्म्य है, क्योंकि इस दिन जीवन दाता सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार कर्क से लेकर धनु राषि तक सूर्य दक्षिणायन रहता है एंव मकर से मिथुन तक सूर्य उत्तरायण में भ्रमण करता है।
धर्म शास्त्र के अनुसार दक्षिणायन के 6 माह देवताओं की रात्रि होती है, और उत्तरायण के 6 मास देवताओं के दिन माने गये है। यानि मकर संक्रान्ति से देवताओं का प्रभात काल शुरू हो जाता है। इस शुभ काल में स्नान, दान, जप आदि किये गये कर्मो का विषेश फल मिलता है।
संक्रान्ति के प्रवेश से अनन्तर की चालीस घडि़या (16 घं0) पुण्य काल माना जाता है। यदि रात्रि में संका्रन्ति का प्रवेष हो तो, दूसरे दिन मध्यान्ह तक स्नान-दान किये जाते है, किन्तु सूर्योदय से 5 घड़ी (2घं0) अत्यन्त पवित्र होता है। यह स्मरण रहे कि संक्रान्ति के जितने समीप स्नान-दान किया जाये, उतना ही उत्तम माना जाता है।
"या याः संनिहिता नाडयस्तास्तः पूण्ययतमाः स्मृतः।"
यह पर्व भारत के प्रतयेक कोने में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश में इस पर्व को खिचड़ी के रूप में मनाया जाता है, इसलिए आज के दिन खिचड़ी खाने और खिलाने का प्रचलन है। और खिचड़ी व तिल का दान भी किया जाता है। महाराष्ट्र में मकर संक्रान्ति के दिन विवाहित स्त्रियां पहली संक्रान्ति को तेल, कपास और नमक आदि का दान सौभाग्यवती स्त्रियों को करती है।
बंगाल में इस दिन स्नान कर तिल दान करने का विशेष प्रचलन है। दक्षिण भारत में इस पर्व को पोंगल कहा जाता है। असम में आज के दिन बिहु संक्रान्ति का पर्व मनाया जाता है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कशमीर में इस पर्व को लोहिड़ी के रूप काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
विधि- ऐसा उल्लेख मिलता है कि जो मनुष्य इस दिन स्नान नहीं करते है। वह सात जन्मों तक रोगी व निर्धन बने रहेत है। प्रयाग स्नान का इस दिन विशेष महात्म्य बतलाया गया है। इस पर्व पर तिल का विशेष महत्व होता है, इसलिए स्नान के पूर्व तिल के तेल की मालिश, तिलयुक्त जल से स्नान, तिल का बनाया उबटन, तिल का हवन, तिल मिश्रित जल का पान, तिल का भोजन और तिल का दान ये सभी कार्य मकर संक्रान्ति के दिन प्रशस्त माने गये है। इस दिन घी और कम्बल दान का भी विशेष फल है।
स्नान, दान का शुभ मुहूर्त-14 जनवरी को प्रातः 6:57 बजे से 8:57 बजे तक।
विशेष- जिन जातकों को सन्तान प्राप्ति में बाधायें आ रही हैं। वह लोग इस दिन उपवास रखकर तिल का भोजन करें तथा तिल का दान करें। प्रातः काल जल में लाल चन्दन व रोली डालकर 12 लोटा जल सूर्य देव को चढ़ायें। उपरोक्त उपाय को श्रद्धा एंव विष्वास से करने पर सुन्दर व व्यक्तित्ववान सन्तान की प्राप्ति होगी।
नीचे तस्वीरों के समने देखें- सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होने पर द्वादशः राशियों पर प्रभाव:

मेष
सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। नौकरी वाले लोगों को बोनस मिलने के आसार नजर आ रहें है। भूमि, मकान आदि में निवेश सम्भव है। सप्तम भाव में स्थित राहु व शनि का योग दाम्प्त्य सुख में तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

वृष
सूर्य चतुर्थेश होकर भाग्य भाव में स्थित है, जिस कारण वाहन का सुख मिलेगा और परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा। नौकरी वाले लोगों को अपने बॉस से खतरा बना रहेगा। वाहन चलते वक्त सावधानी बरतें।

मिथुन
कुछ लोगों को काम के दबाव के कारण नीदं में कमी आयेगी। गुप्त सम्बन्ध उजागर हो सकते है, अतः सावधानी बरतें। नयें स्रोतों से धन में वृद्धि होगी। पंचम भाव में शनि और राहु का योग प्रेम सम्बन्ध में टकराव उत्पन्न करा देगा।

कर्क
नयें सम्बन्धों में इजाफा होगा। कलात्मक कार्यो में रूचि बढ़ेगी। रोजगार के लिए भटक रहें लोगों को सफलता मिलेगी। रोग के प्रति सतर्क एंव सावधान रहने की आवश्यकता है। जीवन साथी के सहयोग से धन लाभ होगा

सिंह
लग्नेश सूर्य छठें भाव में स्थित है। अतः ठण्ड से विशेष बचाव करें अन्यथा रोग की चपेट में आ सकते है। पराक्रम व साहस में वृद्धि होगी। दूरदर्शी सोच के कारण आप लाभान्वित होगें। आर्थिक मुद्दों को लेकर मन थोड़ा चिन्तित हो सकता है।

कन्या
बच्चों की शिक्षा को लेकर मन चिन्तित रह सकता है। नयीं योजनाओं को पूरी उर्जा के साथ प्रारम्भ करने में सफलता अवश्य मिलेगी। रूके हुये धन की प्राप्ति होगी जिससे मन को थोड़ा सा सुकून मिलेगा।

तुला
प्रथम भाव में राहु व शनि का योग होने के कारण मानसिक तनाव तथा सिर में पीड़ा रह सकती है। प्राइवेट जॉब वाले लोगों को विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़ेगा। निज सम्बन्धों में सकारात्मक रवैया अपनायें।

वृश्चिक
नौकरी वाले जातकों को नयें अवसर प्राप्त होंगे जिसके फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी। कुछ लोगों को भौतिक संसाधनों का सुख मिलेगा। पारिवारिक रिश्तों में अनुकूलता बनी रहेगी। स्वास्थ्य में कुछ शिथिलिता रह सकती है।

धनु
मनोकूल आवश्यकतों की पूर्ति के लिए आलस्य को त्यागना होगा। सूर्य भाग्येश होकर दूसरे भाव में सिथत है, जिस कारण अतीत में किये गये निवेश से लाभ होगा एंव परिवार में नन्हे मेंहमान का आगमन हो सकता है।

मकर
प्रथम भाव का सूर्य स्वभाव में अहंकार पैदा कर सकता है। अतः इससे सचेत रहें। खर्चो में अधिकता रहेगी तथा पद, प्रतिष्ठा का लाभ मिल सकता है। प्रेमी युगल को छुप-छुपकर मिलने में सावधानी बरतनी होगी।

कुम्भ
12 वें भाव का सूर्य कठिन परिस्थितियों में भी विजय दिलायेगा किन्तु वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतें। धन आयेगा किन्तु तेजी से खर्च भी होगा। प्रेम सम्बन्धों में और मजबूती आयेगी। किसी कारणवश सन्तान की ओर से मन चिन्तित रहेगा।

मीन
सूर्य षष्ठेश होकर लाभ भाव में बैठा है, जिस कारण नौकरी में प्रगति होगी। मनोरंजन के नयें साधन उपलब्ध होगें। भाग्य पक्ष मजबूत होगा जिससे आर्थिक स्थिति में काफी मजबूती आयेगी। धर्म की ओर मन अग्रसर होगा।












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