पिता-पुत्र के झगड़े को खत्म करने के अचूक उपाय
[पं. अनुज के शुक्ल] कोई घर ऐसा नहीं होता जहां झगड़े नहीं होते, लेकिन झगड़ा अगर गंभीर हो जाये, तो उस घर का बुरा होने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसे में कई रिश्ते होते हैं, जो बेहद नाजुक होते हैं, तो कई रिश्ते होते तो प्रगाढ़ हैं, लेकिन छोटी-मोटी अनबन बनी रहती है। हम बात करेंगे पिता-पुत्र के रिश्ते की। पिता और पुत्र का रिश्ता विचारों की डोरी से बंधा होता है। एक-दूसरे के आपसी विचार न मिलने से धीरे-धीरे यह डोरी कमजोर होने लगती और अन्तत: एक ऐसी सिथति आ जाती है कि ये अनमोल रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है।
हालांकि पिता-पुत्र के वैचारिक मनभेद की सिथति लगभग हर परिवार में देखने को मिलती है। लेकिन जब यह मनभेद की सिथति मतभेद के स्वरूप का उग्र रूप ले लेती है, तो पूरे परिवार में कलह के वातावरण से अशानित छा जाती है। वैसे इस मतभेद के बहुत सारे कारण हो सकते है जैसे आर्थिक पक्ष, सम्प्रेषण अन्तराल, समय का अभाव और जनरेसन गैप आदि।
ज्योतिष के अनुसार सूर्य पिता का कारक एंव गुरु पुत्र का कारक है। जन्म तालिका में जब ये दोनों ग्रह नीच राशि में, पापी ग्रह के साथ या भाव सनिध में फसे हो तो निश्चय रूप से पिता-पुत्र में विरोध होना तय है। यह विरोध एक भयावह रूप धारण कर ले उससे पहले इसका निदान खोजना अपरिहार्य है। अब सवाल यह उठता है कि इस विरोध को दूर करने के लिए क्या किया जाये ? आइये इससे बचने के लिए हम आपको कुछ उपाय बता रहें है, जिन्हें लगातार तीन रविवार तक करने से आपको लाभ अवश्य मिलेगा।

पिता की ओर से विरोध
यदि पिता की ओर से विरोध चल रहा है तो आप शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को पुत्र के द्वारा यह उपाय करवायें। सवा किलो गुड़ को बहते हुये जल में प्रवाति करें। लगातार तीन रविवार यह उपाय करें।

पीपल के पेड़ की पूजा
पिता प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ पर मीठा जल व सरसों के तेल का दीपक जलायें एंव पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल की धार गिरानी है। जिससे पिता और पुत्र में चला आ रहा विवाद शीघ्र ही खत्म हो जायेगा।

सूर्य देव की पूजा
पुत्र के हाथों नियमित रूप से गुड़ मिश्रित जल सूर्य देव को चढ़ाने से विरोध दूर हो जाता है।

पिता को उपहार
रविवार को पुत्र यदि पिता को लाल वस्तु उपहार में दे तो भी इस समस्या का समाधान हो जाता है।

नीली वस्तु
शनिवार के दिन पिता यदि पुत्र को कोर्इ नीली वस्तु उपहार में दे तो भी समस्या का समाधान होता है।

गुड़हल का चमत्कार
पुत्र नियमित प्रात:काल गुड़हल फूल डालकर अथवा लाल चन्दन डालक 12 लोटा जल सूर्य देव को चढ़ायें।

गुरुवार को करें
पिता गुरुवार के दिन गाय को 5 केला खिलायें एंव मनिदर में हल्दी दान करने से लाभ होगा।

पीपल का पूजन
यदि गुरु दूषित होने के कारण पुत्र से विवाद चल रहा है, तो नाभि पर केसर लगायें एंव पीपल वृक्ष की हर शनिवार पूजन करें।

मदार की जड़
यदि पिता से पुत्र का मनमुटाव चल रहा है तो पिता को किसी शुभ मुहूर्त में दाहिनी भुजा में मदार की जड़ धारण करने से मनमुटाव की समस्या समाप्त होती है।

कुंडली देखें
यदि कुंडली में सूर्य पीडि़त है तो ताबे की अंगूठी में माणिक्य धारण करें।












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