सांसद इकरा हसन का आपत्तिजनक वीडियो वारयल, कैसे पता चला कि यह AI से बनाया डीपफेक वीडियो है?
Iqra Hasan Deepfake Video: सोशल मीडिया की दुनिया में लोग तब हैरान रह गए जब उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा मुनव्वर हसन (Iqra Hassan) का एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने लगा। वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठे तो जांच में सामने आया कि यह असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया डीपफेक वीडियो था।
सांसद इकरा हसन वायरल वीडियो मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि इसे हरियाणा के नूंह जिले के दो नाबालिग लड़कों ने केवल सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बनाया था। कैसे इस झूठ की परतें खुलीं, क्या हुआ जब गांव में पंचायत बैठी और सांसद इकरा हसन ने क्या कदम उठाया? जानिए इस रिपोर्ट में पूरी कहानी।

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Iqra Munawwar Hasan (M P Kairana): सांसद इकरा हसन वीडियो वायरल में क्या है?
वायरल वीडियो में सांसद इकरा हसन को एक युवक के साथ दिखाया गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैलने लगा। लेकिन इकरा हसन ने मामले को गंभीरता से लिया और इसके पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश की। उन्होंने कुछ स्थानीय नेताओं से संपर्क किया और जल्द ही यह पता चल गया कि वीडियो हरियाणा के नूंह जिले से अपलोड किया गया है।

रातोंरात गांव पहुंचीं रजिया बानो
इकरा हसन ने नूंह में कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष रजिया बानो से संपर्क किया। रजिया बानो ने देर रात कुछ लोगों के साथ नूंह के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के आमका गांव पहुंची और वहां की पड़ताल में सामने आया कि दो नाबालिग लड़कों ने फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर वीडियो अपलोड किया था।
पंचायत ने कराई सार्वजनिक माफी
सांसद इकरा हसन का डीपफेक वीडियो वायरल करने के मामले में गांव आमका में तुरंत पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों लड़कों और उनके परिवारों को बुलाया गया। दोनों किशोरों ने कबूल किया कि उन्होंने AI की मदद से वीडियो तैयार किया ताकि फेसबुक पर फॉलोअर्स बढ़ा सकें। इसके बाद दोनों से सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मंगवाई गई और गांव वालों के सामने यह वादा लिया गया कि वे दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेंगे।

Iqra Hasan Viral Video: सांसद ने दिखाई संयम और समझदारी
कांग्रेस नेता रजिया बानो ने पूरी घटना की जानकारी सांसद इकरा हसन को दी। सांसद ने शुरू में सख्त कार्रवाई की बात कही लेकिन गांव के एक वरिष्ठ वकील ने उनसे आग्रह किया कि लड़के नाबालिग हैं और नासमझी में ऐसा कर बैठे हैं। सांसद ने पूरे गांव की भावना और शर्मिंदगी को समझते हुए दोनों को माफ कर दिया, लेकिन साथ में यह भी कहा कि AI और डीपफेक का गलत इस्तेमाल समाज के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

What is Deepfake VIDEO: क्या होता है डीपफेक वीडियो?
डीपफेक तकनीक की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज़ और हाव-भाव को दूसरे वीडियो में इस तरह मिलाया जाता है कि वह पूरी तरह असली लगे। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित होता है। आजकल कई ऐप्स और ऑनलाइन टूल्स से यह काम आसान हो गया है, जिससे ऐसे फर्जी वीडियो बनाना अब बच्चों का खेल बन गया है। यही इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है।
Laws on Deepfakes in India: भारत में डीपफेक पर क्या है कानून?
भारत में डीपफेक या निजी फोटो/वीडियो का बिना अनुमति प्रसारण करना अपराध है:
- आईटी एक्ट 66E: बिना इजाजत किसी का वीडियो/फोटो शेयर करने पर 3 साल की जेल और ₹2 लाख जुर्माना।
- आईटी एक्ट 67: अश्लील सामग्री शेयर करने पर पहली बार 3 साल की सजा और ₹5 लाख जुर्माना। दोबारा गलती पर 5 साल की सजा और ₹10 लाख तक जुर्माना।
- सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को डीपफेक की पहचान कर समय रहते हटाने की सलाह भी दी है।
कैसे पहचानें डीपफेक वीडियो?
- चेहरे के हाव-भाव सामान्य नहीं लगते।
- स्किन बहुत स्मूद या प्लास्टिक जैसी दिखती है।
- पलक झपकना असामान्य होता है।
- होठों की मूवमेंट आवाज से मेल नहीं खाती।
- चेहरे के तिल या निशान गायब या जगह बदलते हैं।
- शैडो या लाइटिंग असंतुलित होती है।












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