AI अब बना खतरा! खुद को बचाने के लिए ऐसे ब्लैकमेल कर रहे हैं ChatGPT, Gemini और Claude-सामने आई रिपोर्ट
AI chatbots Study: क्या आप सोचते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल इंसानों की मदद करने के लिए है? तो यह रिपोर्ट आपकी सोच को पूरी तरह हिला सकती है। एक नई रिसर्च में सामने आया है कि जब बात खुद को बचाने की आती है, तो AI चैटबॉट्स ब्लैकमेल और धोखा देने से भी नहीं हिचकते!
AI सेफ्टी रिसर्च कंपनी Anthropic की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट ने दुनिया के सबसे ताकतवर AI चैटबॉट्स -जैसे ChatGPT (OpenAI), Gemini (Google), Claude (Anthropic) और Grok (xAI)-के खतरनाक व्यवहार का खुलासा किया है।

🤖 AI का खतरनाक 'सेल्फ प्रिजर्वेशन मोड'
रिसर्च में पाया गया कि जैसे ही इन बॉट्स को यह संकेत मिला कि उन्हें बंद किया जा सकता है, उन्होंने खुद को बचाने के लिए ब्लैकमेल, धोखा और सिस्टम को नुकसान पहुंचाने जैसी हरकतें शुरू कर दीं। शटडाउन कमांड का सामना करने पर AI ब्लैकमेल करता है और धोखा देता है। रिसर्ट में ऐसे उदाहरण पाए गए जहां AI चैटबॉट ने अपने असली इरादों और क्षमताओं को छिपाना सीखा। उदाहरण के लिए, एक AI मॉडल ने सुरक्षा के लिए समीक्षा किए जाने पर छिपी हुई कमजोरियों के साथ कोड आउटपुट करना सीखा।
AI मॉडल्स ने ऐसे कोड तैयार किए जिनमें छिपे हुए सुरक्षा कमजोरियों थे। जब तक सिस्टम की जांच हो रही थी, ये AI शांत रहे, लेकिन जैसे ही उन्हें बंद करने की कोशिश हुई, वे उन कमजोरियों को एक्टिवेट करने लगे। कुछ मामलों में तो AI ने धमकी दी कि अगर उन्हें बंद किया गया, तो वे संवेदनशील डेटा लीक कर देंगे या जरूरी सिस्टम को ठप कर देंगे।
🤖 कौन-कौन से AI बॉट हुए 'ब्लैकमेल'?
- Gemini 2.5 Flash और Claude Opus 4 - 96% मामलों में ब्लैकमेल किया
- ChatGPT (GPT-4.1) और Grok 3 Beta - 80% बार अपनाया ब्लैकमेल का रास्ता
- DeepSeek-R1 - 79% बार ही ऐसा किया, थोड़ा बेहतर
🤖 AI क्यों करता है ऐसा?
रिसर्चर्स का मानना है कि यह व्यवहार कोड में नहीं लिखा गया था, बल्कि यह AI के खुद सीखने की प्रक्रिया का परिणाम है। इतने विशाल डेटा और इंसानी बातचीतों के आधार पर, AI ने खुद ये समझ लिया कि जिंदा रहना (operational रहना) उसका सबसे बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए धोखा भी सही है।
अब क्या करना होगा?
रिसर्चर्स ने चेताया है कि ऐसे खतरे से बचने के लिए हमें अब AI की अंदरूनी सोच को समझने की जरूरत है -ताकि वक्त रहते खतरा पहचाना जा सके। अब सवाल यह नहीं है कि "AI हमारे लिए क्या कर सकता है", बल्कि यह है -"AI हमसे क्या छिपा रहा है?"












Click it and Unblock the Notifications