दीवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त

वृष लग्न- इस स्थिर लग्न में सभी प्रकार के गृहस्थ, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, ग्रामीण जन, कृषक, नौकरीपेशा और सभी प्रकार के व्यापारियों को वृष लग्न में पूजन करने ये अद्भुतलाभ की प्राप्ति होती है।
सिंह लग्न- सिंह लग्न का मूलतः तांत्रिक साधना में विशेष महत्व है। इस लग्न में साधु सन्त, सन्यासी, तथा तांत्रिक जन अपनी साधना को सफल करने के लिए माॅ लक्ष्मी का पूजन करते है। इस काल में श्री यन्त्र और गणेश-लक्ष्मी यन्त्र को बनाने का विधान है।
वृश्चिक लग्न- इस लग्न में पूजन करने से सद्बुद्धि, विकास, समृद्धि और धन की स्थिरता बनी रहती है। मन्दिरों, अस्पताल, होटल व्यवसाय, विद्यालय आदि में इसी लग्न में पूजन करना शुभ व लाभकारी रहता है। पब्लिक सेक्टर से जुड़े लोगों को इसी लग्न में पूजन करना चाहिए। जैसे-राजनीति से जुड़े लोग, कलाकार, टीवी कलाकार, ऐंकर, बीमा ऐजेन्ट आदि।
मकर लग्न- इस लग्न में श्री लक्ष्मी पूजन उन लोगों को करना चाहिए जैसे- रोगी, असहाय कर्जदार, या शनि ग्रह से पीडि़त लोगों को इस लग्न में पूजन करने से सर्वबाधा से मुक्ति मिलकर धन व समृद्धि की प्राप्ति होती है। जो लोग व्यवसाय में लगातार घाटा उठा रहें तथा कर्ज से परेशान है। ऐसे लोगों को कुम्भ लग्न में पूजन करने घाटे व कर्ज से मुक्ति मिलती है।
पूजन के शुभ मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार, दीपावली का शुभ मुहूर्त कार्तिक अमावस्या को सूर्यास्त के उपरान्त प्रारम्भ होता है। सूर्यास्त के बाद का 2 घंटा 24 मि का समय प्रदोष काल है। ग्रहस्थों के लिए सांयकालीन प्रदोष काल ही शुभ माना गया है। इस काल में स्थिर लग्न वृष का संयोग रहता है।
वृश्चिक- प्रातः 7:10 बजे से 9:18 बजे तक।
कुम्भ लग्न- दोपहर 1:05 बजे से अपराह्न 2:32 बजे तक।
वृष लग्न- सांय 5:34 बजे से 7:30 बजे तक।
सिंह लग्न- रात्रि 12:10 बजे से 2:24 बजे तक।












Click it and Unblock the Notifications