संजीव गोयनका के भाई ने खोली IPL की पोल, नौटंकी का अड्डा बन चुके टूर्नामेंट को लेकर BCCI को चेताया
IPL 2026: आईपीएल 2026 के बीच मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने लीग के भविष्य और इसके गिरते स्तर को लेकर बीसीसीआई को आईना दिखाया है। संजीव गोयनका के भाई हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर आईपीएल की गिरती लोकप्रियता पर चिंता जताते हुए कुछ ऐसे आंकड़े और सुझाव साझा किए हैं जो क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं।
गोयनका के अनुसार आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप में लगभग 26 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है और बीसीसीआई को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि आईपीएल अब एक क्रिकेट प्रतियोगिता के बजाय केवल बल्लेबाजों की प्रदर्शनी बनकर रह गया है जिससे खेल का रोमांच खत्म हो रहा है।

हर्ष गोयनका ने लीग में सुधार के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया है। उनका मानना है कि पिचों को इस तरह संतुलित किया जाना चाहिए जहां गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद मौजूद हो। गोयनका ने इस बात पर नाराजगी जताई कि हर रात 225 रनों का पीछा करना अब उबाऊ हो चुका है क्योंकि क्रिकेट तभी रोमांचक लगता है जब उसमें अनिश्चितता और संतुलन हो।
इम्पैक्ट प्लेयर ने बिगाड़ा गेम
उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर भी दोबारा विचार करने की सलाह दी है जो खेल के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ रहा है। उनके अनुसार केवल चौके-छक्कों की बरसात ही क्रिकेट नहीं है बल्कि गेंद और बल्ले का संघर्ष ही असली मुकाबला है।
सुविधाओं की खोल दी पोल
मैदान के अंदर के खेल के अलावा गोयनका ने स्टेडियम में फैंस को मिलने वाली सुविधाओं की पोल भी खोल दी। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी को फैंस के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। साथ ही उन्होंने स्टेडियम के खराब अनुभव पर कड़ी आपत्ति जताई और बीसीसीआई से अपील की कि दर्शकों के लिए साफ-सुथरे टॉयलेट्स, बैठने की बेहतर व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण खाना और स्टेडियम तक पहुंचने के आसान रास्तों पर काम किया जाए। गोयनका का मानना है कि जब तक दर्शकों को मैदान पर सम्मान और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तब तक फैंस का मोह भंग होता रहेगा।
गेंदबाजों को बराबरी का मौका देने की सलाह
अंत में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि क्रिकेट तब सबसे अधिक रोमांचक होता है जब मैच में गेंदबाजों की भी उतनी ही भूमिका हो जितनी बल्लेबाजों की। हर मैच में बड़े स्कोर बनना लीग की लोकप्रियता को कम कर रहा है क्योंकि इसमें असली प्रतिस्पर्धा की कमी दिखने लगी है। गोयनका के इन सुझावों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई आगामी सीजन में खेल के रोमांच को वापस लाने और फैंस की सुविधाओं में सुधार करने के लिए क्या कदम उठाता है।












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