Bihar Monsoon Update: बिहार में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, लेकिन राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग ने 15 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है। मंगलवार को खगड़िया, कटिहार और पटना के कुछ इलाकों में बारिश हुई, जबकि कई जिलों में उमस भरा मौसम बना रहा।
मौसम विभाग ने 10 जिलों में तेज बारिश और 15 से 19 जुलाई के बीच उत्तर व पश्चिमी बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया और मुंगेर में तेज बारिश हो सकती है। सुबह से खगड़िया, कटिहार और पटना के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। वहीं बेगूसराय में बादल छाए रहे। राज्य के बाकी 28 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। बारिश कम होने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी पटना में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 जुलाई से बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने लगेगी, जिससे बिहार में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। 15 से 19 जुलाई के बीच उत्तर और पश्चिमी बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा। 15 जुलाई के लिए कैमूर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, गया, बेगूसराय, लखीसराय और नवादा समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस मानसून सीजन में बिहार में अब तक सिर्फ 161.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 301.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब भी 47 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, जिन इलाकों में तेज बारिश हुई वहां जलभराव की समस्या सामने आई है। सीवान सदर अस्पताल परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। रक्सौल में भारत-नेपाल को जोड़ने वाली सड़क पर करीब दो फीट पानी जमा हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में मानसून ट्रफ बिहार से हटकर हिमालय की तराई की ओर चला गया है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय नहीं होने से राज्य को पर्याप्त नमी नहीं मिल रही थी। इसी वजह से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। हालांकि अगले दो से तीन दिनों में बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो 16-17 जुलाई से बिहार के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।10 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना
15 जुलाई से फिर एक्टिव होगा मानसून
बारिश की कमी से बढ़ी परेशानी
मानसून कमजोर क्यों पड़ा और आगे क्या होगा?