सपा सरकार में कृषि और किसानों की जिंदगी दूभर: भाजपा

प्रत्येक फसल के बाद किसानों को सिर्फ कर्जा ही हाथ लगता है। कृषि उत्पादों के भण्डारन का घोर आभाव भी किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने में बाधक है। श्री सिंह ने कहा कि सरकार को जीएम बीजों के प्रयोग से पहले किसानों को यह बताना चाहिए कि इन बीजों की कीमत और उपलब्धता क्या होगी? क्या ये बीज टर्मिनल बीज अर्थात एक ही बार उपयोग के लिए होंगे। इनके लिए खाद व पानी की क्या आवश्यकता होगी और क्या उसके उत्पाद को सही मूल्य और ठीक समय पर किसानों से क्रय किए जाने की सरकार गारंटी देगी?
जीएम बीजों के प्रयोग से पहले इन सभी शंकाओं का निराकरण और इसके उत्पादन का क्रय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदेश में भूजल स्तर, खाद की कमी और इसकी व्यापक कालाबाजारी, किसानों के जिन्सों की उचित मूल्य पर खरीद, बिजली पानी के संकट के कारण प्रतिवर्ष कृषि जमीन गैर कृषि कार्यो में परिवर्तित होती जा रही है। परिणाम स्वरूप वह दिन दूर नही होगा कि अनाज की कमी से प्रदेश को दो चार होना पड़ेगा।












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